Monday, November 10, 2008

शूटिंग की व्यस्तता से ब्लॉगिंग पर ब्रेक

मित्रों,

सबसे पहले सभी पाठकों से माफी। मैंने पिछली पोस्ट में लिखा था कि शूटिंग के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका जा रहा हूं। सोचा तो ये था कि वहां से भी नियमित लिखूंगा लेकिन दिन-रात का व्यस्त कार्यक्रम और इंटरनेट की सुचारु व्यवस्था न होने से यह काम नहीं कर पाया।

फिलहाल, 'एसिड फैक्ट्री' की शूटिंग में ही व्यस्त हूं। अब मलेशिया के लिए निकल रहा हूं। वहां कुछ दिनों का शिड्यूल है। उम्मीद है कि तय वक्त में काम निपट जाएगा और इस महीने के आखिरी हफ्ते में फिर मुंबई में आ जाऊंगा।

केपटाउन में शूटिंग के दौरान मेरी पत्नी भी साथ थीं। उनकी भी इस फिल्म में एक मेहमान भूमिका है। वैसे,जब भी हम दोनों साथ किसी दूसरे देश जाते हैं तो वहां के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ वहां की संस्कृति को समझने की कोशिश करते हैं। इस बार भी यही हुआ। शूटिंग के दौरान भी कुछ रोचक वाक्ये हुए। जिन्हें मैं विस्तार से लिखूंगा।

फिलहाल, क्षमा याचना के साथ

आपका और आपका

मनोज बाजपेयी

26 comments:

vimal verma said...

मनोजजी,ये अच्छा है अपनी व्यस्ताओं के बारे में कम से काम आप अवगत तो करा करे हैं,अच्छा लग रहा है कि आपने अपना ब्लॉग शुरु कर दिया,मैने करीब करी सारे पोस्ट पढ़े है,अच्छा लग रहा है आपको पढ़ना,बस ऐसे ही लिखते रहें हमारी शुभकामानाएं स्वीकार करें,

राजीव रंजन प्रसाद said...

बहुप्रतीक्षित पोस्ट है मनोज जी, हिन्दी ब्लॉगिंग को वैसे भी बहुत कम सेलिब्रिटी सपोर्ट प्राप्त हुआ है, आप हैं तो उम्मीद है।

लौटिये फिर साउथ अफ्रीका के अनुभव भी बाँटिये।

***राजीव रंजन प्रसाद

संदीप शर्मा Sandeep sharma said...

व्यवस्ताओं के बीच फ़िर से ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद.....

manvinder bhimber said...

aapka blog par aana achcha laga.....
ye krm jaari lakhain

अल्पना वर्मा said...

मनोज बाजपाई जी आप भी हिन्दी ब्लॉग्गिंग में हैं.
आज ही आप का ब्लॉग देखा ..और बहुत प्रसन्नता
हुई कि आप जैसे बेहद व्यस्त celebrities भी हिन्दी ब्लॉग्गिंग में हैं..
आप जैसी हस्तित्यों के यहाँ होने से हिन्दी ब्लॉग्गिंग को थोड़ा और बढ़ावा मिलेगा...
युवाओं में भी हिन्दी लिखने - पढने की रूचि जागेगी....

आप की पोस्ट का इंतज़ार रहेगा..
आप के एक्टिंग हुनर के यहाँ भी बहुत से फेन हैं -
आभार सहित-अल्पना

कंचन सिंह चौहान said...

ITANI VYASTATA KE BAVZUD BLOG KE LIYE SAMAY NIKALANA. US KE PRATI AAP KA LAGAV HI HAI.......! HAM ANUBHAVO KO JANANE KE LIYE PRATIKSHARAT HAI.N

तसलीम अहमद said...

vyast hona achhi baat hai aur vyastata ke douran logon se jude rahna aur bhi achha hai.

Akhar said...

Manoj Bajpai ji.

It's extremely encouraging to see an actor bloging .and bloging in hindi.

God bless you.
Gajendra Singh Bhati
(Indian Institute Of Mass Communication, New Delhi)

sunil manthan sharma said...

ab patta chala ki aap khan gayab the.

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

मनोज जी ,
नमस्ते
आपका ब्लोग आज ही देखा और फिलहाल कुछ प्रविष्टीयाँ देखीँ हैँ -
आप की यात्रा के बारे मेँ
चित्रोँ सहित लिखियेगा -
आपकी अदाकारी हमेशा सच के करीब और पात्र को सजीव करती हुई लगी है
भविष्य के लिये आपके परिवार को मेरी शुभकामनाएँ ..
स स्नेह,
- लावण्या

Yayavar said...

It gives a very nice feeling after reading your blog.You do not write as a star but a true person from the heart.
Really your blog is worth reading

Mrinal said...

आपकी हर पोस्ट पढ़ रही हूं और बरास्ते इस ब्लॉग आपको जानने की कोशिश भी. कभी अपने बचपन को लेकर भी लिखें. बेतिया की यादें...दसवीं बार मुकद्दर का सिंकंदर देखने के बाद मास्टर जी की पिटाई....! लिखें कुछ अनलिखा.
मृणाल
www.raviwar.com

राजीव तनेजा said...

काम पहले ज़रूरी है...बाकि सब तो बाद में भी चलता रहेगा...

आपकी अगली पोस्ट का इंतज़ार रहेगा

PD said...

आपका ब्लौग हमेशा पढ़ता हूं कारण यह कि आपको स्टार मान कर नहीं पढ़ता हूं.. लगता है जैसे हमारे बीच रह कर आप भी नार्मल इंसान हैं.. आपको छोड़ कर मैं किसी और स्टार का ब्लौग नहीं पढ़ता हूं.. बच्चन जी का भी नहीं.. क्योंकि उनकी भाषा मुझे स्टार की भाषा लगती है..

मिहिरभोज said...

चलो आप को हमारी याद आ ही गइ

चन्द्र प्रकाश said...

मनोज जी को मेरा प्रणाम,

रोज आप के नए ब्लाग पोस्ट का इंतजार करता था,

आप ने अपने पोस्ट मे लिखा था कि साउथ अफ्रीका के अनुभव share करेगे, जैसे कि आप बेहद व्यस्त है,चलो next time सही,

शुभकामानाओ सहित
.........चन्द्र प्रकाश शर्मा

santosh said...

it is very nice to see a busy star to write a blog in hindi.we r waiting for your trip experience.sorry for writing in english for technical reason
santosh

YASHWANT said...

aapka blog abhi maine search kiya aur dekh kar khushi hui.
thanhs & reguards
yashwant

रौशन said...

इंतज़ार रहेगा

Mukesh hissariya said...

JAI MATA DI,
NICE TO SEE YOUR BLOG

santosh said...

Manoj ji,mera ek sujhav hai ki aap apne blog par apne bare me bhi vistar se likhe.apne jivan ke aise pahluon ke bare me,jo logo ko nahi pata.

paharedar said...

मायूसी छोड़ो

मेरे प्यारे देशभक्तों,
आज तक की अपनी जीवन यात्रा में मुझे अनुभव से ये सार मिला कि देश का हर आदमी डर यानि दहशत के साये में साँस ले रहा है! देश व समाज को तबाही से बचाने के लिए मायूस होकर सभी एक दूसरे को झूठी तसल्ली दिए जा रहे हैं. खौफनाक बन चुकी आज की राजनीति को कोई भी चुनौती देने की हिम्मत नही जुटा पा रहा. सभी कुदरत के किसी करिश्मे के इंतजार में बैठे हैं. रिस्क कोई लेना नहीं चाहता. इसी कारण मैं अपने देश के सभी जागरूक, सच्चे, ईमानदार नौजवानों को हौसला देने के लिए पूरे यकीन के साथ यह दावा कर रहा हूँ कि वर्तमान समय में देश में हर क्षेत्र की बिगड़ी हुई हर तस्वीर को एक ही झटके में बदलने का कारगर फोर्मूला अथवा माकूल रास्ता इस वक्त सिर्फ़ मेरे पास ही है. मैंने अपनी 46 साल की उमर में आज तक कभी वादा नहीं किया है मैं सिर्फ़ दावा करता हूँ, जो विश्वास से पैदा होता है. इस विश्वास को हासिल करने के लिए मुझे 30 साल की बेहद दुःख भरी कठिन और बेहद खतरनाक यात्राओं से गुजरना पड़ा है. इस यात्रा में मुझे हर पल किसी अंजान देवीय शक्ति, जिसे लोग रूहानी ताकत भी कहते हैं, की भरपूर मदद मिलती रही है. इसी कारण मैंने इस अनुभव को भी प्राप्त कर लिया कि मैं सब कुछ बदल देने का दावा कर सकूँ. चूँकि ऐसे दावे करना किसी भी इन्सान के लिए असम्भव होता है, लेकिन ये भी कुदरत का सच्चा और पक्का सिधांत है की सच्चाई और मानवता के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर जो भी भगवान का सच्चा सहारा पकड़ लेता है वो कुछ भी और कैसा भी, असंभव भी सम्भव कर सकता है. ऐसी घटनाओं को ही लोग चमत्कार का नाम दे देते हैं. इस मुकाम तक पहुँचने के लिए, पहली और आखिरी एक ही शर्त होती है वो है 100% सच्चाई, 100% इंसानियत, 100% देशप्रेम व 100% बहादुरी यानि मौत का डर ख़त्म होना. यह सब भी बहुत आसान है . सिर्फ़ अपनी सोच से स्वार्थ को हटाकर परोपकार को बिठाना. बस इतने भर से ही कोई भी इन्सान जो चाहे कर सकता है. रोज नए चमत्कार भी गढ़ सकता है क्योंकि इंसान फ़िर केवल माध्यम ही रह जाता है, और करने वाला तो सिर्फ़ परमात्मा ही होता है. भगवान की कृपा से अब तक के प्राप्त अनुभव के बलबूते पर एक ऐसा अद्भुत प्रयोग जल्दी ही करने जा रहा हूँ, जो इतिहास के किसी पन्ने पर आज तक दर्ज नहीं हो पाया है. ऐसे ऐतिहासिक दावे पहले भी सिर्फ़ बेहतरीन लोगों द्वारा ही किए जाते रहे हैं. मैं भी बेहतरीन हूँ इसीलिए इतना बड़ा दावा करने की हिम्मत रखता हूँ.
प्रभु कृपा से मैंने समाज के किसी भी क्षेत्र की हर बर्बाद व जर्जर तस्वीर को भलीभांति व्यवहारिक अनुभव द्वारा जान लिया है. व साथ- साथ उसमें नया रंग-रूप भरने का तरीका भी खोज लिया है. मैंने राजनीति के उस अध्याय को भी खोज लिया है जिस तक ख़ुद को राजनीति का भीष्म पितामह समझने वाले परिपक्व बहुत बड़े तजुर्बेकार नेताओं में पहुँचने की औकात तक नहीं है.
मैं दावा करता हूँ की सिर्फ़ एक बहस से सब कुछ बदल दूंगा. मेरा प्रश्न भी सब कुछ बदलने की क्षमता रखता है. और रही बात अन्य तरीकों की तो मेरा विचार जनता में वो तूफान पैदा कर सकता है जिसे रोकने का अब तक किसी विज्ञान ने भी कोई फार्मूला नही तलाश पाया है.
सन 1945 से आज तक किसी ने भी मेरे जैसे विचार को समाज में पेश करने की कोशिश तक नहीं की. इसकी वजह केवल एक ही खोज पाया हूँ
कि मौजूदा सत्ता तंत्र बहुत खौफनाक, अत्याचारी , अन्यायी और सभी प्रकार की ताकतों से लैस है. इतनी बड़ी ताकत को खदेड़ने के लिए मेरा विशेष खोजी फार्मूला ही कारगर होगा. क्योंकि परमात्मा की ऐसी ही मर्जी है. प्रभु कृपा से मेरे पास हर सवाल का माकूल जबाब तो है ही बल्कि उसे लागू कराने की क्षमता भी है.
{ सच्चे साधू, संत, पीर, फ़कीर, गुरु, जो कि देवता और फ़रिश्ते जैसे होते हैं को छोड़ कर}
देश व समाज, इंसानियत, धर्मं व इन्साफ से जुड़े किसी भी मुद्दे पर, किसी से भी, कहीं भी हल निकलने की हद तक निर्विवाद सभी उसूल और सिधांत व नीतियों के साथ कारगर बहस के लिए पूरी तरह तैयार हूँ. खास तौर पर उन लोगों के साथ जो पूरे समाज में बहरूपिये बनकर धर्म के बड़े-बड़े शोरूम चला रहे हैं.
अंत में अफ़सोस और दुःख के साथ ऐसे अति प्रतिष्ठित ख्याति प्राप्त विशेष हैसियत रखने वाले समाज के विभिन्न क्षेत्र के महान लोगों से व्यक्तिगत भेंट के बाद यह सिद्ध हुआ कि जो चेहरे अखबार, मैगजीन, टीवी, बड़ी-बड़ी सेमिनार और बड़े-बड़े जन समुदाय को मंचों से भाषण व नसीहत देते हुए नजर आ रहे हैं व धर्म की दुकानों से समाज सुधार व देश सेवा के लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियों की बात करने वाले धर्म के ठेकेदार, जो शेरों की तरह दहाड़ते हैं, लगभग 99% लोगों ने बात पूरी होने से पहले ही ख़ुद को चूहों की कौम में परिवर्तित कर लिया. समस्या के समाधान तक पहुँचने से पहले ही इन लोगों ने मज़बूरी में, स्वार्थ में या कायरपन से अथवा मूर्खतावश डर के कारण स्पष्ट समाधान सुझाने के बाद भी राजनैतिक दहशत के कारण पूरी तरह समर्पण कर दिया. यानि हाथी के खाने और दिखने वाले दांत की तरह.
मैं हिंदुस्तान की 125 करोड़ भीड़ में एक साधारण हैसियत का आम आदमी हूँ, जिसकी किसी भी क्षेत्र में कहीं भी आज तक कोई पहचान नहीं है, और आज तक मेरी यही कोशिश रही है की कोई मुझे न पहचाने. जैसा कि अक्सर होता है.
मैं आज भी शायद आपसे रूबरू नहीं होता, लेकिन कुदरत की मर्जी से ऐसा भी हुआ है. चूँकि मैं नीति व सिधांत के तहत अपने विचारों के पिटारे के साथ एक ही दिन में एक ही बार में 125 करोड़ लोगों से ख़ुद को बहुत जल्द परिचित कराऊँगा.
उसी दिन से इस देश का सब कुछ बदल जाएगा यानि सब कुछ ठीक हो जाएगा. चूँकि बात ज्यादा आगे बढ़ रही है इसलिए मैं अपना केवल इतना ही परिचय दे सकता हूँ
कि मेरा अन्तिम लक्ष्य देश के लिए ही जीना और मरना है.
फ़िर भी कोई भी , लेकिन सच्चा व्यक्ति मुझसे व्यक्तिगत मिलना चाहे तो मुझे खुशी ही होगी.. आपना फ़ोन नम्बर और अपना विचार व उद्देश्य mail पर जरुर बताये, मिलने से पहले ये जरुर सोच लें कि मेरे आदर्श , मार्गदर्शक अमर सपूत भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव, लाला लाजपत राए सरीखे सच्चे देश भक्त हैं. गाँधी दर्शन में मेरा 0% भी यकीन नहीं हैं.
एक बार फ़िर सभी को यकीन दिला रहा हूँ की हर ताले की मास्टर चाबी मेरे पास है, बस थोड़ा सा इंतजार और करें व भगवान पर विश्वास रखें. बहुत जल्द सब कुछ ठीक कर दूंगा. अगर हो सके तो आप मेरी केवल इतनी मदद करें कि परमात्मा से दुआ करें कि शैतानों की नजर से मेरे बच्चे महफूज रहें.
मुझे अपने अनुभवों पर फक्र है, मैं सब कुछ बदल दूंगा.

क्योंकि मैं बेहतरीन हूँ.
आपका सच्चा हमदर्द
(बेनाम हिन्दुस्तानी)
e-mail- ajadhind.11@gmail.com

Tara Chandra Gupta "MEDIA GURU" said...

aaj aapka blog dekha kafi achha laga. hindi me likhate rahenge yahi aap se aasha hai.

वर्षा said...

मोहल्ले से पहली बार आपकी गली में आई। ये देखकर अच्छा लगा कि ये एक आम ब्लॉगर का ब्लॉग है, कोई स्टार ब्लॉग नहीं।

अशोक कुमार पाण्डेय said...

ham intezaar karenge!!!
mera blog dekhen kabhi
naidakhal.blogspot.com

Dev said...

Manoj ji its very nice to see on blog world...
Aap ka bahut bahut swagat hai....

Regards