Monday, January 26, 2009

नयी बिल्डिंग में पहला गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस की आप सभी को शुभकामनाएं। देश फिर से उठ खड़ा हो और शांति की राह पर चले। हमारे प्रधानमंत्री जल्द से जल्द अपने घर और काम पर लौटे, ऐसी मेरी भगवान से प्रार्थना है।

आज अपने सोसाइटी की मीटिंग अटेंड की। ऐसा करना मुझे अच्छा लगता है। इस बिल्डिंग के सारे लोगों से मिलना हो जाता है और बिल्डिंग को व्यवस्थित रखने के लिए होने वाले कामों की जानकारी मिल जाती है। आज सोसाइटी के लोगों ने झंडा फहराया और हम सभी ने ‘जन गण मन’ गाया। इस बिल्डिंग में मनाए पहले गणतंत्र दिवस की याद भी जेहन में दर्ज हो गई।

करीब एक साल हो चुके हैं मुझे इस घर में आए हुए। सब कुछ सही चल रहा है। इतने साल घर से दूर रहा। हर साल घर बदलता रहा कि अब चारदीवारियां घर सी नहीं लगती । जहां परिवार है, वो ही घर लगता है। ये विडंबना है एक शहर की और शहर में रहने वालों की। एक घर को बदल कर वो दूसरे में जाते रहते हैं। साथ रहता है तो सिर्फ परिवार और कुछ पुरानी यादों से जुड़ी हुई चीजें। लेकिन, यही ढर्रा है शहरों का। जीवन इसी के साथ आगे भी चलता है। किसी ने मुझसे कहा कि अब तो इसी में रहोगे या इसे भी बदलोगे। तो मेरा अनायास जवाब ये आया कि पता नहीं।

शायद कारण ये है कि जो घर गांव में छोड़ा उसके अलावा किसी और चारदीवारी को घर मान ही नहीं पाया। लेकिन,मैं खुश हूं । खुश इस बात से हूं कि ऊपर वाले का आशीर्वाद रहा और आप सभी का ढेर सारा प्यार रहा। परिवार का हमेशा से साथ रहा है। और यही सब मेरी चारदीवारियों से ज्यादा मायने रखती हैं।

गणतंत्र दिवस पर आप सबको मेरी शुभकामनाएं लेकिन आपकी शुभकामनाओं की जरुरत मुझे भी है।

इसी के साथ
आपका और सिर्फ आपका
मनोज बाजपेयी

16 comments:

अनिल कान्त : said...

बिल्कुल सही कहा मनोज जी आपने ....सचमुच शहरों की चारदीवारों को घर कह नही सकते .....जहाँ परिवार हो वही घर कहलाता है .....
आपको भी गणतंत्र दिवस की बधाई ....

अनिल कान्त
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

सुप्रतिम बनर्जी said...

मनोज भाई को मेरी शुभकामनाएं। कॉम्पैक्ट पोस्ट की बधाई। कभी अपने आने वाली फ़िल्मों के बारे में बताइगा, तो अच्छा लगेगा। इंतज़ार है।

रंजन said...

आपको भी गणतत्र दिवस की शुभकामनाऐं..

http://aadityaranjan.blogspot.com

विनय said...

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

---आपका हार्दिक स्वागत है
गुलाबी कोंपलें

creativekona said...

Respected Manoj ji,
Nayee bilding men ...naye avas men gantantra divas pahlee bar manana...sabse milna julna ..vakai sukhad anubhav hota hai.jahan tak ghar kee bat hai to..sach maniye vo amrayee kee khushboo,mahuye ka tapakna..neem tale khelna..matee ka sondhapan..sab kee bas yaden hee hamen ghr se jode rakhtee hain.
Gantantra divas kee mangalkamnaon ke sath.
Hemant Kumar

पवन *चंदन* said...

वाह आपने तो सच में मेरे दिल की बात छीन ली है। चिंता न करें में आपको झपटमार नहीं कहूंगा। कोई भी मकान घर नहीं हो सकता जब तक उसमें घर के लोग न रहते हों। देर से आने पर चिंतातुर आंखें द्वार से न झांकती हों। पत्‍नी, पिता या माता सभी या कोई भी क्‍यों न हों। गणतंत्र की हार्दिक बधाई के साथ ब्‍लॉग दुनिया में आपका स्‍वागत है। आपको निमंत्रण भी है कि आइये हमारी चौखट पर आपका स्‍वागत करेंगे।

संगीता पुरी said...

बहुत अच्‍छा.....गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

कंचन सिंह चौहान said...

aap ki saada bayaani achchhi lagti hai.

--- ''अम्बरीष मिश्रा ''का छोटा सा ''प्रयास'' said...

एक बधाई गनतत्र दिवस की ,
एक बधाई उमदा लेखन की ,
एक बधाई आने वाली फिल्म की ,
एक बधाई आज तक के अभिनय की ,
और आप का एक डाय्लाग अभिनय शूल फ़िल्म मे last मे
जो कि V सभा मे दिया था उस्के लिये
एक हज़ार बधाईया ,

vikram7 said...

मनोज जी सच कहा आपने. गणतंत्र दिवस की बधाई

appaliwal said...

sab kuchh bahut sadhaaran lokh rahe hain aap aajkal

*KHUSHI* said...

Republic Day ki Aap ko bhi badhai... 2 din late hui hu uska bhi ek kaaran hai... jaise aapen kaha naa GHAR... wohi hai ..Ghar ka mahol hi kuch aissa hai. chaar diwaari ko nahi apno ke sang kahi bhi rahe lo aur wahi ghar banalo... aap itna accha likhte hai aur ye jo aap ki soch hai woh hame yaha baar baar aane pe majboor karti hai. kyuki hamare mann mai ek yehi khayal thaa ki Bollywood se jude logo ke khayalat itne acche bhi ho sakte hai??
shaayad hum hi kahi galat thay..

योगेन्द्र मौदगिल said...

भई वाह मनोज जी... आप लेखन से भी जुड़े हैं पहली बार जाना.. वाह.. बधाई स्वीकारें..

आदर्श राठौर said...

मनोज जी,
पहली बार आपके ब्लॉग पर आया हूं, खुशी की बात है कि जिस एकमात्र अभिनेता का अभिनय मुझे पसंद आता है, उससे सीधा मैं संपर्क कर पा रहा हूं। एक छोटे से कस्बे का आदमी भला कहां अपने मनोभावों को व्यक्त कर पाता। आपके ब्लॉग के माध्यम से मुझे ये मौका मिला। खुशी की बात है। आगे भी आपसे संपर्क में रहूंगा।

आशीष said...

भोपाल के लोग तो आपकी शूटिंग देखने के लिए पगला गए हैं। आप तो यह बताएं कब इंटरव्यू दे रहे हैं हमें........ मेरा ई मेल आईडी है ashish.maharishi@gmail.com

ashish Maharishi
Dainik Bhaskar
Bhopal

Cell 9826133217

अवधेश झा said...

very good....
manoj ji..
aap bihar ke gaurav hain..
isi tarah cinema me aur blog ki lekhni me apne bihar ka naam raushan kijiye...
wish you all the best