Friday, February 6, 2009

कुछ अपनी, कुछ आपकी

रात को मुंबई पहुँचा तो भारत और श्रीलंका के बीच वनडे सीरिज़ का चौथा मैच चल रहा था। इन दिनों तो धोनी की टीम बुलंदियों पर है, और टीम जीते तो मैच देखने का मज़ा दोगुना हो जाता है। मैंने भी इसका आनंद लिया। लेकिन आज मैच की बात नहीं, क्योंकि मैच की बात की तो पूरी पोस्ट इसी पर लिख डालूंगा।

बहुत दिनों से पाठकों के कमेंट्स पर लिखने की सोच रहा था। टिप्पणियाँ निकाल भी लीं थीं। लेकिन मौक़ा नहीं मिल रहा था। सोचा, आज वक़्त भले थोड़ा है लेकिन ये काम भी कर दूँ।

सुप्रतिम बनर्जी समेत कई दोस्तों ने नयी फ़िल्मों के बारे में पूछा है, और मैं इससे ही शुरु करता हूँ। आजकल प्रकाश झा की फ़िल्म "राजनीति" की शूटिंग कर रहा हूँ। बीच में एक-एक दिन के लिए मुंबई आता हूँ, "जुगाड़" फ़िल्म के प्रचार के सिलसिले में। मैं अकेला अभिनेता हूँ इस फ़िल्म में, जिसे प्रचार-प्रसार की बड़ी ज़िम्मेदारी दी गई है। चूंकि जुगाड़ छोटे बजट की फ़िल्म है, अलग कहानी है, नया निर्माता है, नया निर्देशक है, इसलिए मेरी ज़िम्मेदारी और बढ़ जाती है। जुगाड़ इस महीने की 12 तारीख़ को सिनेमाघरों में आ जाएगी। मैं आशा करता हूँ कि दर्शक इसे देखने में उत्सुकता दिखाएंगे।

आदर्श राठौर साहब ने ठीक बात कही है कि ब्लॉग के ज़रिए मुलाक़ात हो रही है। दरअसल मेरा मानना है कि अब ये मुमकिन ही नहीं है कि दूर बैठे दो लोग लगातार मिल पाएँ। एक-दूसरे से अपने मन की बात कह पाएँ। रिश्तेदारों से दूरियाँ बन जाती हैं, भाई-बहनों से दूरियाँ बन जाती है। भावनात्मक स्तर पर नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्र और व्यवसाय में रहने के कारण। ब्लॉग ने मुझे एक मौक़ा दिया अपनी बात कहने का और आपसे सीधे जुड़ने का। मैं हमेशा आपको आमंत्रित करता हूँ कि आप मेरे ब्लॉग पर अपने दिल की बात कहें। आपका हमेशा स्वागत है।

सुशांत सिंघल भाई ने मोबाइल खोने के बाद एक कमेंट में कुछ सुझाव दिए। लेकिन सुशांत भाई, अभी-अभी थोड़े दिन पहले ही मैंने ई-मेल, सर्फ़िंग और फिर ब्लॉगिंग करना सीखा है। धीरे-धीरे नयी तकनीक समझ रहा हूँ। लेकिन, आपके सुझाव के लिए धन्यवाद।

एनडीटीवी के रवीश भाई के कमेंट भी देखे। एक कमेंट नववर्ष पर था। रवीश भाई, आपको भी नए साल की शुभकामनाएँ। आपका एक प्रोग्राम मैंने चैनल पर देखा, जिसमें आप दूसरे चैनलों की कड़े शब्दों में आलोचना कर रहे थे कि कैसे वे यूट्यूब से वीडियो निकालकर अपनी कहानियाँ गढ़ते हैं। मुझे कार्यक्रम अच्छा लगा। अच्छा यह लगा कि शायद पहली बार किसी पत्रकार ने अपने ही समाज की आलोचना का साहस जुटाया, जिससे वो सहमत नहीं था।

शशि जी, जुगाड़ की म्यूज़िक रीलिज़ के वक़्त आपकी पर्ची भीड़-भाड़ में मुझसे गिर गई। माफ़ करें। आप मुझे ई-मेल कर दें सवाल। शायद, तब मैं उनके जवाब दे पाऊंगा। मुझे बड़ी ख़ुशी होती है, जब आप लोग मुझसे इंटरव्यू के लिए कहते हैं। मुझे लगता है कि पत्रकार समूह का एक बड़ा वर्ग मुझसे बहुत स्नेह करता है। चंदन प्रताप जी, आप भी संभव हो तो ई-मेल कर दें। वैसे, दिल्ली में अगर मुलाक़ात मुमकिन हुई तो निश्चित तौर पर होगी।

कई पाठकों ने लिखा है कि मैं अपने संघर्ष -अपने क़िस्सों के बारे में लिखूँ। लेकिन भइया, मैं बोल-बोलकर थक गया हूँ कि 16 साल हो गए सिनेमा में। अपनी कहानी कहकर मैं भी बोर हो चुका हूँ। उन क़िस्सों का कहीं ज़िक्र आएगा तो ज़रुर लिखूंगा। लेकिन अब इस नए माध्यम का इस्तेमाल अपने दिल की बात, अपनी भड़ास और आप लोगों से संवाद करते हुए करना चाहता हूँ। अपनी कहानी कहने में नहीं।

क्रिएटिवकोना के हेमंत जी, अर्श, ख़ुशी, प्रवीण जाखड़, विक्षुब्ध सागर समेत कई पाठकों ने जुगाड़ की सफलता की कामना की है; उन सभी का तहे-दिल से धन्यवाद।

बहुत सारे कमेंट हैं। बहुत सारे सवाल हैं, जिनका जवाब देना चाहता हूँ। बाद में दूंगा। हाँ, यहाँ जर्मनी के सुमधुर और पाकिस्तान के शिराज़ का ज़िक्र ज़रुर करना चाहूंगा। सुमधुर को संभवतः अभीतक विश्वास नहीं है कि यह ब्लॉग मेरा है, तो उनसे कहना चाहता हूँ कि भइया अब तो छः महीने हो गए ब्लॉग लिखते हुए। यह मेरा ही ब्लॉग है और आप लोग अपने देश से दूर बैठ हमारी फ़िल्में देखते हैं - पसंद करते हैं - तो यह सुनकर अच्छा लगता है। पाकिस्तान के शिराज़ से कहना चाहता हूँ - अच्छा लगा सुनकर कि पाकिस्तान में भी मेरे प्रशंसक हैं और हाँ, आपको जो फ़िल्म पंसद आए - वो फ़िल्म भी आएगी। फ़िलहाल आप "जुगाड़" देखें।

इस बार के लिए इतना ही।

आपका और सिर्फ़ आपका
मनोज बाजपेयी

18 comments:

आकांक्षा~Akanksha said...

Welcome back Manoj ji on Blog! Jahan tamam log blog start karke so gaye, ap kio sakriyata bani huyi hai...Mubarakvad !!

रवीन्द्र प्रभात said...

पाठकों की टिप्पणियों पर
आपके विचार सुंदर ही नही सारगर्भित
भी है ....!

*KHUSHI* said...

Goodmorning Manojji, aaj mai jaldi free ho gai aur blog chk karne baith gai. as usual aap ka blog dekha aur wah... jaisa aap ka post aaya...lapak ke jawaab dene baith gai. accha huaa ki aapne match ki baat nahi ki, warna hum jyada nhai likh sakte.aapki ye baat hame bahot pasand aai ki aap apne blog ke chahnewalo ko yaad karte hai.ab hume. safalta to sabko milti hai lekin usse hazam kuch log hi kar sakte hai.
bhabhiji lucky hai. kabhi unke bare mai kuch bataiyega,
kya aapko kabhi purani zindagi, jaha aaramse sab logo ke saath ghum fir sakte thay woh yaad aata hai?? kyuki ab aap aissa nahi kar sakte.. jaise hum log aaramse kahi bhi akele ghum sakte hai.iss baare mia jarur likhiyega ki aap kaisa mahesoos karte hai
Mumbai mai agar waqt mile to mere patidev aapse milna chahenge.

chandrashekhar HADA said...

मनोज भाई ,
जुगाड़ जरूर देखेंगे . आपने फ़िल्म की है तो उम्मीद है स्टोरी अच्छी होगी . आपको हमेशा की
तरह बहुत सारी शुभकामनायें.

विनय said...

बहुत बढ़िया लिखा मनोज जी!

अनूप शुक्ल said...

सुन्दर!

Shikha Deepak said...

मनोज जी आपको तब से देख रहीं हूँ जब आप टीवी सीरिअल्स में काम कर रहे थे। आप अच्छे अभिनेता हैं यह तो हम सब को पता ही है पर आप अच्छा लिखते भी हैं यह आज पता चला। पहली बार किसी बड़े कलाकार से सीधे संपर्क कर रही हूँ, सुमधुर जी की तरह मुझे भी पहले विश्वास नहीं था की यह ब्लॉग आपका ही है। आप व्यस्त रहतें हैं। सबको जवाब देना भी संभव नहीं होता होगा। पर आप थोडा सा समय निकाल कर कुछ न कुछ लिखते रहिए.

इश्वर आपको ढेर सारा काम दे। आप सदा व्यस्त रहें। काम ही तो कलाकार की जीवन रेखा है।

प्रवीण जाखड़ said...

महानगरों के अलावा जयपुर जैसे शहरों में भी आपको चाहने वालों की फेहरिस्त है मनोज जी। जुगाड़ के प्रमोशन के लिए ही सही, जयपुर में मीडिया और प्रशंसक आपका इंतजार करेंगे।

अपनी ताजा पोस्ट में आपने इस नाचीज को भी जगह दी, खुशी हुई। कहते हैं, संगत से ही रंगत होती है। आप संजीदा कलाकारों में से हैं, जयपुर के मीडिया में खासकर युवा पीढ़ी में आपके चाहने वाले बहुत हैं। हम आपका जयपुर में इंतजार कर हैं। उम्मीद है फिल्म प्रमोशन के लिए या किसी दूसरे उद्देश्य से आप जल्द जयपुर आएंगे। ....भेंट का इंतजार रहेगा।

SATYENDRASHALABH said...

MANOJ JI
AAPKI DIL SE BAATEIN IS BLOG K MADHYAM SE DEKHNE KO MILI. MAINE SARE POST DEKHEN HAIN. NICE. AAP MUN K SACHCHE INSAAN LAGTE HAIN. KHOOB PRAGATI KAREIN. SLUM DOG JAISI FILM AAAPKO KARNI CHAHIYE THEE. KYA AAPKE LIYE AISI HI KOI STORY MAIN LIKHOON. MERE GEETON AUR KAHANIYON KI 6 BOOKS PUBLISH HUI HAIN.MILNE PR BHENT KARUNGA. POLICE KI NAUKRI ME BMOSHKIL TIME MILTA HAI, IS SE LEKHAN PRABHAVIT HOTA HAI. PER SLUM DOG JAISA KUCHH HAI.MILENGE AAPSE.
KHOOBSOORAT BLOG K LIYE SHUKRIYA,
SATYENDRA SHALABH
LUCKNOW

रंजना said...

ईश्वर ने आपको प्रतिभा रूपी जो पूँजी दी है, यह उसकी साक्षात कृपा है आपपर. अपनी इस प्रतिभा का सदैव सदुपयोग कीजियेगा........हम भी ईश्वर के आभारी हैं जो हमने आप जैसा कलाकार पाया है.....घोर प्रशंशक हैं हम आपके और हमारी अभिलाषा आपको सदा सार्थक सच्चा कलाकार धर्म निभाते हुए देखने की है...

ईश्वर आपको यश,वैभव,उर्जा और क्षमता दें,जिससे आप और हम सब लाभान्वित हो सकें..

अमिताभ बुधौलिया 'फरोग' said...

janab aap bhopal mai hai...lekin wagair ijajat mai aapse milne nahi aana chahta.
avinash dasji ne kaha tha ki aapse mulakaat karaenge......dekhna hai wo waqt kab aayega...
amitabh budholiya'farogh'
journalist and writer
bhopal
my mobile
9893506975
www.gidhh.blogspot.com

शिवराज गूजर. said...

jugad ka mujhe besbri se intejaar hai. umeed kar raha hoon ki satya ke bheekhoo mhatre ki tarah aapka ye jugad sabki jaban par chha jaye.lambe arshe baad aapki film dekhane ko mil rahi hai. shool wala role mere dil ke bahut kareeb hai. moka mile to aisa role jaroor kijiyega.
jugad chalegi or bahut chalegi mera man kah raha hai. or man jo kahta hai wo hamesha sach hota hai. aisha log kahate hain.
shivraj gujar

lekhak said...

आपका लेख काफी अच्छा था।

varsha said...

पहली बार आपके ब्लॉग पर आना हुआ। आपकी अदाकारी तो पसंद है ही, आपकी लोगों से जुड़ने की ख्वाहिश देखकर अच्छा लगा।

Santhosh said...

hi,it is really a good one. by the way which tool r u using to type in Hindi..? is it easy to use..? will u pls tell me Manoj ji...?

Keep writing. take care & good day

SHASHI SINGH said...

माफ करें मनोजजी, लेकिन मुझे आपके ब्लॉग पर कहीं आपका ई-मेल पता दिख नहीं रहा। संभव हो तो आप मेरे ई-मेल पते (shashikumarsingh@gmail.com) पर एक टेस्ट मेल भेज दें तो मैं लौटती मेल से अपने सवाल एक बार फिर आप तक पहुंचा पाऊं।

शुभकामना!

bole-bindas said...

Manoj ji......TV SERIAL "SWABHIMAAN' SE HI APKO DEKH RAHAN HOON, AAJ BLOG PE APKO DEKH KAR KAAFI SUKOON MILA, BAHUT DINO BAD AISA LAGAA MAI APNA KAAM KAR RAHAN HOON ,'LIKHNA ' JO MERA HAMESH SE SHAUK RAHA HAI......AGEY BAHUT BATIEN HONGI.........DO ALAG-2 DHUVON KO MILANE WALI TECHNOLOGY KO BHAUT-2 SALAAM'

अमित गर्ग said...

बेंगलूरू में आपसे दो बार मुलाक़ात हुई. राजनीति और एसिड फेक्टरी के प्रमोशन के लिए आपका आना हुआ. दोनों ही बार आपसे बातचीत का मौका भी मिला. आप जितने सफल अभिनेता हैं उतने ही बेहतर कलाकार भी. आपके चाहने वालों की जयपुर में भी कोई कमी नहीं हैं मनोज भाई. आपको नयी फिल्मों की सफलता के लिए शुभकामनायें.