Thursday, February 19, 2009

राजनीति और “राजनीति”

“राजनीति” की शूटिंग के लिए भोपाल गया था, पाँच दिन के लिए। कल रात ही वापस लौटा हूँ। इस बीच, “जुगाड़” का जितना प्रचार मुमकिन था, मैंने किया। भोपाल में भी कई पत्रकार मित्रों से इस सिलसिले में मिला। यहाँ तक कि रीलिज़ से एक दिन पहले एक थिएटर मालिक ने मुझे आमंत्रित किया था, जहाँ पत्रकारों का जमघट और प्रशंसकों की भीड़ थी। सबके साथ मिलना हुआ।

“जुगाड़” को प्रदर्शित हुए क़रीब एक हफ़्ता होने वाला है। मिली-जुली रिपोर्ट मिली। कुछ लोगों ने तारीफ़ की, तो कुछ लोगों ने इसे साधारण फ़िल्म बताया। अब मेरा दिमाग़ “जुगाड़” से बाहर आ चुका है। इस फ़िल्म की अच्छी यादों को अपने दिलो-दिमाग़ में लिए हुए अब मैं आगे बढ़ चुका हूँ, अगली फ़िल्म की तरफ़। जहाँ फिर कोशिश होगी कि आपको अच्छा स्वस्थ मनोरंजन दे सकूँ।

एक प्रशंसक मित्र ने श्री अजय ब्रह्मात्मज की जुगाड़ के बारे में लिखी समीक्षा मेरे ब्लॉग पर भेजी है। उसके लिए धन्यवाद। अजय ब्रह्मात्मज जी को भी इस समीक्षा के लिए धन्यवाद। हम अभिनेताओं का जीवन ही कुछ निराला है। फ़िल्म में बड़ी मेहनत से काम करते हैं। फ़िल्म रीलिज़ होने के बाद कुछ लोगों से वाहवाही लेते हैं, तो कुछ से आलोचना। वाहवाही लेकर भी आराम से बैठने का समय नहीं मिलता और आलोचना लेकर भी उदास होने के लिए समय निकाल पाना बड़ा कठिन होता है। आगे बढ़ना मजबूरी है।

कुछ लोगों ने मेरी राय जानने की कोशिश की राजनीति में आने को लेकर। हर चुनाव में निमंत्रण मिलता है, उम्मीदवारी के लिए। तक़रीबन हर पार्टी से। और मैं उन सभी पार्टियों का शुक्रगुज़ार हूँ कि वो मुझमें एक उम्मीदवार देखते हैं। लेकिन मैं अपने आपको अभी तक एक योग्य राजनीतिक उम्मीदवार के रुप में नहीं देख पाया हूँ। न ही खुद के भीतर के अभिनेता को छोड़ने का दुस्साहस कर सकता हूँ। अभिनय और परिवार - इसी में समय कट जाता है, फिर राजनीति के लिए समय कहाँ से दे पाऊंगा।

हाँ, “राजनीति” फ़िल्म के लिए पूरा समय है। और उसे करने में मज़ा भी बहुत आ रहा है। चूंकि बहुत सारे कलाकार हैं। तो कुछ दिन मेरी शूटिंग होती है, कुछ दिन नहीं। जब शूटिंग नहीं होती है, उस दिन की बाट जोहता हूँ कि कब शूटिंग पर जाना होगा। सच में बहुत मज़ा आ रहा है।

दिल्ली के रामजस कालेज की तरफ एक निमंत्रण आया है, उसे पढ़कर ख़ुशी हुई। लेकिन, जैसा मैंने कहा कि अभी “राजनीति” की शूटिंग में व्यस्त हूँ, क्योंकि समय निकाल पाना मुश्किल होगा। मेरे साथ कई कलाकार हैं और सभी की तारीख़ों का वापस मिलना मुश्किल है। लेकिन रामजस के छात्र साथियों का फिर धन्यवाद, जिन्होंने मुझे आमंत्रित किया ब्लॉग के ज़रिए।

अभी घर आया हूँ। बाक़ी कुछ काम निपटाऊंगा, तब तक फिर से भोपाल जाने का समय होगा। अभी बस, बाक़ी के व्यावसायिक काम और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ इन्हीं की तरफ़ अपना ध्यान लगा रहा हूँ। जल्द लौटूंगा, इस वादे के साथ...

आपका और सिर्फ़ आपका
मनोज बाजपेयी

18 comments:

अल्पना वर्मा said...

बहुत दिनों बाद आप ने अपने ब्लॉग को अपडेट किया.
-मेरे ख्याल से फ़िल्म स्टार राजनीति में न जाया करें तो अच्छा है.
आप ख़ुद को अभी तक एक उम्मीदवार नहीं देख पा रहे हैं..
इस का अर्थ है कि आप का फिल्मी जीवन अभी शेष है.
शुभकामनायें.

रौशन said...

जुगाड़ कुछ ख़ास नही लगी
कुछ अच्छे की उम्मीद थी. खैर एक फ़िल्म में बहुत से लोग जुड़ते हैं और हमेशा अपने मन का हो ही पाये सम्भव नही
राजनीति जिम्मेदारियों मांगती है अगर ख़ुद को सक्षम पायें तो राजनीति में जरूर जाएँ वैसे समाज और देश को कुछ सार्थक देने के और भी रास्ते हैं
शुभकामनाएं

Nirmla Kapila said...

pehli baar aapka blog dekha achhe kalakaar hone ke saath saath aap achhe lekhak bhi hain jaan kar sukhad anubhav huya bhagvaan aapko bulandyon tak le jaaye meri shubhkaamnaayen saveekar karen

प्रभाष कुमार झा said...

मनोज जी, आप राजनीति में भले न जाएं लेकिन मुझे लगता है कि बिहार से बॉलिवुड में नाम कमाने वाले आप जैसे लोगों को अपने (हमारे) राज्य में फिल्म सिटी को स्थापित करने की मुहिम से जुड़ना चाहिए। बिहार में नई सरकार के आने के बाद से ही इसकी कोशिश हो रही है। पिछले दिनों इस संदर्भ में मैंने बिजनेस स्टैंडर्ड में आपका और प्रकाश झा का बयान पढ़ा था, बड़ा दुख हुआ। आप दोनों ने ही बिहार में फिल्म सिटी को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई थी।

ashok dubey said...

manoj jee....
maine aapki JUGAAD dekh li..
kuch khas maza nahi aaya..

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

श्री मनोज वाजपेयीजी,
मै अल्पना वर्मा जी कि बात का समर्थन करता हू।
आपके नये विचारो के लिये शुभकामना

शारदा अरोरा said...

बहुत दिनों से आपका ब्लॉग खोज रही थी , आज मिला तो भी आपका ई-मेल आई डी नहीं खोज पाई |
आपकी फ़िल्म में हमेशा मकसद होता है और अभिनय स्वाभाविक व् लाजवाब , इसलिए फ़िल्म दिल को छू जाती है | अगर आप को फ़िल्म के लिए गाने या कविता चाहिए हों तो आप मुझसे ले सकतें हैं , सारे ब्लॉग पर उपलब्ध नहीं हैं | धन्यवाद

Rishi Rish said...

"Rajneeti" film ke baare mein padha hai ki ise Prakash Jha nirdeshit kar rahe hain aur Katrina Kaif is film mein Sonia Gandhi ke jaisa koi role kar rahi hain.
Prakash Jha Bollywood ke shaayad akele filmkaar hain jo Bihar ke samkaaleen saamajik, rajnaitik aur aarthik parivesh par itni behatar films banaate hain ki wo films na hokar ek prakaar ka dastaavej hoti hain.
Maine unki ab tak ki lagbhag saari film dekhi hain aur mein unka zabardast fan huun.
Aapko to mein Mahesh Bhattji ke varshon pahle Doordarshan par prasaarit serial "Swaabhimaan" ke dinon se dekh raha huun aur sach kahuun to Rakesh Mehra ki "Aks" mein Amitabh Bachchan jaise mahanaayak ke saamne aapne jo abhinay kiya hai, wo bemisaal hai.

Iske alawa, "Satya", "Pinjar", "Shool" jaisi aapki films Hindi cinema ki milestones hain. Bhagwaan aapko aisi aur kai films mein kaam karne ka awsar de aur aap aise hi safalta haasil karte rahen. AAMEN !

PRIYANK DUBEY said...

ap jaise achche log rajniti me aane se katrate hai or us type ke log koyee mauka nahi chhodte....anyways....gud luck bhaiya.... love u... see u soon...
regards
priyank dubey

sameer said...

chaliye imaandari ke saath aapne maana ki aap 'raajniti' ke liye to samay nikaal paaenge par raajniti ke liye nahi. ye un film abhinetaao se to achha hi hai jo dono haath me laddu rakhanaa chahate hai.

a shrivastava said...

aapse bhopal main mila. shayad pehli baar samna hua. lekin apse baat kar laga ki aaj wakai champaran ke manoj se mulakat hue. hotal main baat karte hue kahin nahin laga ki main ek star ke samne hu, bus yahi laga.. apne hi jaise ek shaksh ke samne hu. yaad dila du main avinash shrivastava hu, jo bhopal main 14th ko noor-us-sabah palace main bhaskar ke liye aapse baat karne aaya tha, apke sath ki photo mere collection main hai, dubara aaye to milne ki koshis jarur karunga. aap jaruri samjhe or samay de sake to dijiyega.apko photo or interview ki print copy dikhani hai.
well wishesh for u
avinash shrivastava
Dainik bhaskar bhopal
9009665235

आशीष said...

समय निकाल कर यदि दैनिक भास्कर के कार्यालय आ सकें तो आपके प्रशंसक आपसे मिल लेंगे।

आशीष महर्षि
९८२६१३३२१७

शशिकान्त ओझा said...

प्रिय मनोज जी आप का बड़ा आभार जो आप ब्ला॓ग पर हैं। कम से कम आप ऐसे बेहतरीन कलाकार से रूबरू होने का मौका हम सब को मिला करता है। आते रहिए।

प्रवीण जाखड़ said...

भैया राजनीति से तो दूर रहो। बड़े-बड़े सितारे राजनीति में आए और सलट गए। वैसे फिल्म के तौर पर आप सूट करते हो। एक निजी सलाह दूं मनोज भैया, ये तो नहीं पता कि राजनीति फिल्म जो आप कर रहे हैं कैसी राजनीति है? लेकिन मधुर भंडारकर के साथ आप जरूर काम कीजिए। आपका अंदाज और मधुर का निर्देशन कमाल कर सकते हैं।
मुझे याद है जब दो साल पहले पूनम ढिल्लो जी जयपुर आई थीं। भाजपा कार्यालय में उनसे निजी मुलाकात हुई। इसी दौरान धर्मेन्द्र जी से भी बातचीत हुई। लेकिन दोनों ही अच्छे कलाकारों ने राजनीति में आकर अपना निर्णय संतुष्टिपरक नहीं पाया। हालांकि उन्हें लगा होगा, पब्लिसिटी मिलेगी, पॉपुलर होंगे, मास अपील बनेगी, लेकिन पत्रकार होने के नाते मुझे नहीं लगता ऐसा कोई बड़ा फर्क पड़ता है। वैसे भी धर्मेन्द्र जी जितने सरल और सहज बिना राजनीति के है वही जंचते हैं। ...और पूनम जी की खूबसूरती भी परदे पर ही जंचती है।

Manoj dwivedi said...

JUGAD ACHCHHI LAGI..KAM SE KAM SOCIETY KI KUCHH SACHCHAI KO BAYAN KARTI HI HAI. APKI SHANTI SERIEL KA ADVOCATE WALA KIRDAR AJ BHI DIMAG SE NAHI NIKAL PAYA HU.

शोभना चौरे said...

मनोज जी
मैंने आपका ब्लॉग पहली बार पढा बहुत ही अच्छा लिखते है आप |
जब मैंने आपको पहली बार स्वाभिमान धारावाहिक में देखा था तभी आपमे कुछ विशेष लगा था ,मैंने आपकी सभी फिल्म तो नही देखि पर पिंजर सबसे अच्छी लगी |
आप अभिनेता और इन्सान के रूप में शीर्ष पर पहुचे इन्ही शुभकामनाओ के साथ ।
शोभना चौरे

nitin thakur said...

manoj ji,jugaad dekhne ke peeche wajahen to bahut si thi magar film dekhne ke baad paaya ki film bahut acchi thi.main nahi jaanta ki logon ko usmein kya acch nahi laga magar gambheer aur chintaapoorna samay me hum hanste bhi hain,mujhe usmein wo sab dikha.
khair,"raajneeti" mein ek baar phir behtar kariye,hum intezaar mein hain.

tushar said...

manoj bhaiya mai aapka fan hu issliye ki aap rangkarmi hai issliye ki aap ek behater kalakar hai aur issliye ki aap bihar k hai,sayad aapko pata nahi hai aap k bettiah k friend arbind {muncun}janta cinema k thik samene jinka ghar hai woh mere pahchan wale hai ristdar hai,mai jab bhi bettiah jata hu aapki khub charcha hoti hai, bhaiya mai patna sai rangmanch kiya hu {nsd passout vijay kumar k saath}mai animater v hu, maine mughle e azam color kiya hai n abhi balaji mai chief director hu kitni mohabbat hai mai, mera ek sapna hai aapke saath kaam karne ka,aap jab patna film festival mai gaye the makarand deshpandey ki movie lekar toh mai waha aapse mila tha sanjay jha k saath,aapki har movie mai ek alag style hoti hai,aapka dialouge delivery ka jo graph hai kamal hai i like you,meri subhkamana hai aap k saath {i love u}