Tuesday, September 15, 2009

छुट्टी का सदुपयोग कर रहा हूँ

हैदराबाद में शूटिंग करते वक़्त मेरी पीठ में चोट लग गई थी। उसके बाद मैं बिस्तर पर पड़ा रहा। चोट से उबर ही रहा था कि मुझे ‘जेल’ फ़िल्म की डबिंग करनी पड़ी। फिर ‘एसिड फ़ैक्ट्री’ के प्रचार-प्रसार में जुट जाना पड़ा। और उसके बाद प्रकाश झा की शूटिग के लिए भोपाल आना हुआ है। काफी भागमभाग रही है। पीठ को पूरा आराम दे नहीं पाया। लेकिन, अब पीठ ख़ुद ठीक हो रही है।

आजकल खाली समय में टीवी लगाकर देखता रहता हूँ कि 'एसिड फ़ैक्ट्री' के प्रोमो कब आएंगे। लगातार एसिड फैक्ट्री का प्रचार धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। और अच्छा ये लग रहा है कि एसिड फ़ैक्ट्री के निर्माता और वितरक दोनों ही उसके सही प्रदर्शन को लेकर सजग हैं। यहाँ भोपाल में दो दिन की छुट्टी मिली मुझे, तो मैं भोजपुर चला गया शिवलिंग के दर्शन करने। वहाँ से निकलकर भीम बेटिका गया, जो विश्व धरोहर है। वहाँ पहुँचते ही एक गाइड को अपने साथ लिया। ताकि वो हमें गुफाओं और गुफाओ पर बने शैल-चित्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दे सके।

अच्छा ये लगा कि इस धरोहर को बहुत ही सुरक्षित ढंग से रखा गया है। काफ़ी साफ़-सफ़ाई रखी गई है। गाइड के बोलने के अंदाज़ को देखकर मैं काफ़ी अचंभित हुआ और मन-ही-मन में उसके अंदाज़ की नक़ल करना शुरु कर दिया। कभी ऐसी कोई भूमिका मिले तो उस गाइड की नक़ल ज़रुर करुंगा। मेरी यात्रा काफ़ी जानकारी भरी रही और गाइड के कारण काफ़ी मनोरंजक भी।

मुझे पता है कि मैं अपना ब्लॉग नियमित नहीं लिख पा रहा हूँ। थोड़ा गैप आ जाता है। लेकिन अब इस अंतराल को कम करने की पूरी कोशिश होगी। अब हर हफ़्ते आपसे मुख़ातिब होऊंगा और उस हफ़्ते की पूरी गतिविधि के बारे में आपसे बातचीत किया करुंगा।

लेकिन,अभी मुझे एक स्क्रिप्ट पढ़कर ख़त्म करनी है,यही मौक़ा है जब मुझे छुट्टी मिली है तो उसका उपयोग करुँ। और ब्लॉग का उपयोग करते हुए मैं सिर्फ़ ये कहूंगा कि एसिड फ़ैक्ट्री के बारे में जितनी जानकारी ले सकते हैं,ले लें। नेट पऱ। फ़िल्म मैंने देखी है और फ़िल्म काफ़ी अच्छी है। लेकिन उसके बारे में बातचीत उसके प्रदर्शन के वक़्त करुंगा। अभी के लिए इतना ही।

आपका और सिर्फ़ आपका

मनोज बाजपेयी

22 comments:

अजय कुमार झा said...

मनोज भाई...मैम भी सोच रहा था..कि इतने दिनों कहां गायब रहे...अब पीठ दर्द से आराम है..जानकर अच्छा लगा..खूब घुमाई ्हो रही है...प्रोमो तो आने शुरू हो गये हैं.....पिक्चर भी धमाकेदार रहे..यही दुआ है...काम लगातार चल रहा है...हमारी शुभकामनाये आपके साथ हैं....एक मित्र के रूप में..एक भाई के रूप में..और आपके एक दर्शक के रूप में भी..

Udan Tashtari said...

सेहत का ध्यान रखें.

शुभकामनाएँ.

एसिड फेक्ट्री के बारे में जानकारी एकत्रित करते हैं. आप भी दें पने ब्लॉग के माध्यम से.

Ashvin Bhatt said...

thanx for the info....

अरविन्द श्रीवास्तव said...

मनोज दा,आपको पढ़ना सुखद लगता है...कफी समय बाद आज पढा...नियमित समय दें,अपेक्षा है...- अरविन्द श्रीवास्तव

राज भाटिय़ा said...

ऎ भाई हम तुम्हे ओर तुम्हारी एक्टिंग पसंद करते है, इस का मतलब यह नही कि तुम्हारी गलतिया भी पसंद करे... "हैदराबाद में शूटिंग करते वक्त मेरी पीठ चोट मे लग गई थी। यह कोन सी हिन्दी है भाई

राजीव तनेजा said...

आपकी जीवनचर्या के बारे में जान कर अच्छा लगता है...एसिड फैक्टरी का इंतज़ार है

संजय तिवारी ’संजू’ said...

आपका हिन्दी में लिखने का प्रयास आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है. आपके इस प्रयास के लिए आप साधुवाद के हकदार हैं.

शिवम् मिश्रा said...

मनोज भैया ,

प्रणाम !

सर्व प्रथम हिंदी दिवस की आप को बहुत बहुत शुभकामनाएं |

आशा है अब पीठ का दर्द कम होगा | मैं भी इस दर्द का मरीज हूँ सो आपकी व्यथा समझ सकता हूँ |

दर्द जरूर ज्यादा रहा होगा क्यों कि पहेली ही लाइन में, 'में' इधर का उधर हो गया है, "हैदराबाद में शूटिंग करते वक्त मेरी पीठ चोट (मे) लग गई थी"| पोस्ट को दोबारा एडिट कर लेवे तो अच्छा रहे |

यह जान बहुत ख़ुशी हुयी कि अब आप लगभग हर हफ्ते ही कुछ समय हम लोगो के लिए निकला करेगे ! बहुत बहुत धन्यवाद |

पहेले भी कहा है और फ़िर कहेता हूँ , ‘एसिड़ फैक्ट्री’ के लिए पूरी टीम को बहुत बहुत शुभकामनाएं |

शेष शुभ |

अपना ख्याल रखें |

सादर आपका अनुज

शिवम् मिश्रा

मैनपुरी, उत्तर प्रदेश

कंचन सिंह चौहान said...

पीठ का दर्द पूर्णरूपेण ठीक हो पहले आपका इस बात का ध्यान रखियेगा...! अभी बहुत सी फिल्मों मे आपका कमाल देखना है...!

भोपाल वाले खुश होंगे कि आजकल आप उनके शहर का मान बढ़ा हे हैं।

भोजपुर जाना अवश्य सुखद रहा होगा ....!

Dinesh said...

हर हफ्ते सात आठ फिल्में release हो रही हैं मनोज जी | यह काफी scary scene है | अच्छे promos के अभाव में आजकल बहुत अच्छी फिल्मों के बारे में दर्शकों को critics की राय भी काफी प्रभावित करती है | इश्वर से प्रार्थना है कि तुम्हारी आने वाली सब फिल्में खूब चलें और तुम्हे जबरदस्त कामयाबी हासिल हो |
डॉ. दिनेश शर्मा (दिल्ली)

Yayaver said...

आप जल्द ही स्वस्थ हो जाइं, हमारी यही दुआ है. आपने गाइड को अब्ज़र्व कर के, एक चरित्र को पढ़ना चाहा. अच्छा लगा मौलिकता के साथ सीखने की ललक है आपसे बड़े कलाकार में. 1971 को रजत कमाल मिला इस बार
नॅशनल अवॉर्ड में. बधाई... Citation from award ceremony reproduce कर रहा हूँ सभी के लिए--

"A sensitive depiction of the ordeal of Indian prisoners of war trapped between extreme hostility and official apathy in an alien land and showing fortitude in a hopeless situation."

creativekona said...

आदरणीय मनोज जी ,
आप की दिनचर्या काफी व्यस्त है .भागमभाग वाली .ऐसे में आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए.
आपकी नई फिल्म का इंतजार है .शुभकामनाओं के साथ .
हेमंत कुमार

jitendra said...

hi manoj ji

Nice to read that a star can have time to think like an comman man.

Best Wishes for your upcomming films.

bye

अनिल कान्त : said...

आप अपनी सेहत का ध्यान रखिये और मैं एसिड फैक्ट्री जरूर देखूंगा

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

मनोज जी,
आप की फ़िल्म ‘एसिड फैक्टरी’ हिट हो;ये ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।आप की फ़िल्म है तो निःसन्देह अच्छी होगी;आप ने ये विश्वास तो अपने दर्शकों में जगाया ही है।स्वास्थ्य-लाभ कर रहे हैं,ये अच्छी बात है।आप जैसा एक विशेष कलाकार ब्लाग पर हमारे साथ है;ये देखना बहुत सुखद लगता है।
मैनें अपने सभी ब्लागों जैसे ‘मेरी ग़ज़ल’,‘मेरे गीत’ और ‘रोमांटिक रचनाएं’ को एक ही ब्लाग "मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी "में पिरो दिया है।
आप का स्वागत है...
आप के लिये एक ग़ज़ल...

कैसे कह दें प्यार नहीं है।
हम पत्थरदिल यार नहीं हैं।

अपनी बस इतनी मजबूरी,
होता बस इज़हार नहीं है।

मिलने का कुछ कारण होगा,
ये मिलना बेकार नहीं है।

तुम मुझको अच्छे लगते हो,
अब इससे इनकार नहीं है।

कुछ लोगों से मन मिलता है,
इससे क्या गर यार नहीं हैं।

तुम फूलों सी नाजुक हो तो,
हम भौरें हैं खा़र नहीं है।

क्या मेरे दिल में रह लोगे,
बंगला,मोटरकार नहीं है।

तनहा-तनहा जीना मुश्किल,
संग तेरे दुश्वार नहीं है।

हुश्न की नैया डूबी-डूबी,
इश्क अगर पतवार नहीं है।

मैं तबतक साधू रहता हूँ,
जबतक आँखें चार नहीं हैं।

Kumar Kaustubha said...

Manoj Bhai,
Namaste
aapse ekbar zee ke noida studio me mil chuka hoon, motihari ka rehnewala hoo, aapke rishtedar Rakesh Ranjan Bajpaee( s/o late Balkrishn Bajpayee) ka padosi hoon aur aapke bhai Sujit ji ka JNU me samkaleen raha hoon. In dino Delhi me AAJTAK chennel me producer hoon aur Champaran par ek blog shuroo kiya hoon. aapko link bhej raha hoon- chalochamparan.blogspot.com- pls dekhen aur apne ghar, apne ilake ke baare me kuch likh saken to badi meharbani hogi.
aapka ,
kumar kaustubha
mobile-09953630062

naveentyagi said...

मनोज भाई में आपके ब्लॉग पर पहली बार आया हूँ। पढ़कर बहुत अच्छा लगा और प्रसन्नता इस बात की हुई कि मै तो सोच भी नही सकता था कि कोई फिल्मी एक्टर इतना बुद्धिजीवी भी हो सकता।मेरे ब्लॉग पर एक टिपण्णी छोड़ कर मुझे ओटोग्राफ देने कि कृपा करे।

'अदा' said...

मनोज जी,
ख़ुशी होती है आपके ब्लॉग पर आकर.
इतना तो पता चल ही जाता है की आप एक सीधे-सरल इंसान हैं
आपके अभिनय का सभी लोहा मानते ही हैं...हर वो फिल्म जिसमें आपने काम किया है आपने अपनी छाप हमेशा छोड़ी है...क्योंकि हम भी बिहार से हैं इसलिए हमारी प्रसन्नता दूगुनी हो जाती है...आपकी सफलता देख कर..आपकी आनेवाली फिल्मों का इंतज़ार है..हम तो वैसे भी कोई फिल्म छोड़ते ही नहीं....रहते हम कनाडा में हैं लेकिन हिंदुस्तान में रहने वाले हमारे दोस्त हमेशा मात खा जाते हैं फिल्म देखने के मामले में...जाहिर है आपकी भी फिल्म हम उनसे पहले देख ही लेंगे न !!
ईश्वर आपको ऐसे ही जीवन में हर ख़ुशी और सफलता से नवाजे.....यही प्रार्थना है आपके लिए..

स्वप्न मंजूषा 'अदा'

aahuti said...

मनोज जी
लक्मे फैशन शो में आपको नए रूप में देखा. फिल्म की अपार सफलता के लिए शुभकामना .

pankaj mishra said...

ssari baaten theeh hai manoj bhaiya. par vapsi kab karenge ye to bateye.

Mukesh Kumar Sinha said...

good wishes........manoj jee!!

Mohammad Rehan said...

manoj bhai aap Bhopal Aaye Aur Manav sangrahala Nahi dekha. Jo aap bhimbethka me dekhne gai the woh to Manav sangrahalaya me hi mil Jata Aur iske alawa. Pura Grameen Bhartiya Darshan bhee ho jate,