Thursday, October 1, 2009

अपने मुँह मियाँ मिट्ठू !

“राजनीति” की शूटिंग अच्छी रही भोपाल में। दशहरा के दिन अपने दोस्त विजय जाजोरिया के घर खाना भी अच्छा रहा। कुल मिलाकर ये दस दिन अच्छे कटे। अब, मुंबई लौट रहा हूँ। “एसिड फैक्ट्री” के प्रमोशन के लिए। वैसे, टीम तो हैदराबाद और कोलकाता जा चुकी है, लेकिन बंगलोर और दिल्ली का सफ़र अभी बाक़ी है। शायद मैं दोनों ही शहरों में एसिड फैक्ट्री के प्रचार-प्रसार के लिए निकल पड़ूँ।

इस बीच कुछ एक निर्देशक हैं, जिनसे मिलना है। जिनसे कहानियाँ सुननी हैं या जिनसे स्क्रिप्ट लेनी है। साथ-ही-साथ मधुर भंडारकर की फिल्म “जेल” के कुछ प्रमोशन कार्यक्रमों का हिस्सा बनना है। पहले ऐसा कभी मेरे साथ हुआ नहीं कि एक ही महीने में मेरी दो फिल्में आई हों। लेकिन संयोग ऐसा बन पड़ा है कि एक महीने में एसिड फैक्ट्री और जेल सिनेमाघरों में पहुंच जाएंगी। एसिड फैक्ट्री सबसे पहले नौ अक्टूबर को रिलीज़ हो रही है। दोनों अलग तरीक़े की फिल्में हैं। दोनों में मेरी भूमिका उत्तर-दक्षिण की तरह अलग-अलग हैं। आशा करता हूँ कि सभी दर्शकों को न सिर्फ़ ये फिल्में अच्छी लगें, बल्कि ये प्रयोग भी उन्हें नया लगे।

एसिड फैक्ट्री का प्रमोशन करते वक़्त मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैं अपने मुँह ही मियाँ मिट्ठू हो रहा हूँ। और शायद यह कहें कि हर फिल्म के प्रमोशन के वक़्त ही ऐसा लगता है। ये प्रमोशन का सबसे वीभत्स अनुभव होता है, जब आप ख़ुद ही फिल्म की तारीफ़ कर रहे होते हैं, और ख़ुद ही भूमिका के बारे में बातें कर रहे होते हैं। ये एक ऐसा पहलू है प्रचार-प्रसार का, जो मुझे रास आता नहीं है। लेकिन, ज़माना ऐसा बदला है कि जिन फिल्मों का प्रचार-प्रसार हुआ नहीं, जिन फिल्मों की तारीफ़ उनके अपने अभिनेताओं ने की नहीं, वो भी प्रदर्शन के पहले, तो दर्शक उन फिल्मों को देखने ही नहीं गए।

तो ठीक है। अगर दर्शकों के फिल्म देखने की शर्त यही है तो यही सही। आशा करता हूँ कि इस ब्लॉग से जुड़े सारे मेरे दोस्त मेरी फिल्मों से संतुष्ट होंगे। आपकी प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद। एसिड फैक्ट्री के रिलीज़ के बाद एक बार फिर आपसे प्रतिक्रियाओं को लेकर बात करुंगा।

इसी के साथ

आपका और सिर्फ़ आपका
मनोज बाजपेयी

15 comments:

महफूज़ अली said...

haan! yeh to hai......... ki khud ki cheezon ka promotion karna.......... apne moonh miya mitthu banna hi hota hai......... apr ab aap bhi kya karenge........... itna to aapko karna hi padega.........

abhi aisi kai filmein bhi haayi hain......... jinki taareef to un filmon ke heroes ne khoob ki.......... lekin bechari filmein.......... theatre mein lagne se pehle hi utar gayin........

ये एक ऐसा पहलू है प्रचार प्रसार का,जो मुझे रास आता नहीं है। लेकिन ,जमाना ऐसा बदला है कि जिन फिल्मों का प्रचार प्रसार हुआ नहीं, जिन फिल्मों की तारीफ उनके अपने अभिनेताओं ने की नहीं, वो भी प्रदर्शन के पहले तो दर्शक उन फिल्मों को देखने ही नहीं गए। ab yeh bhi ek kadwa sach hai........ par aapki yeh saaf goyi pasand aayi......... par kya karen aajkal ....... self-marketing ka zamana hai........

aapki filmein kaamyaab hon......... yahi dua hai......... aapki SATYA ke baad maine koi movie nahi dekhi....... ek do TV pe dekhi khaane khaate waqt .... wo bhi poori nahin........ par yeh do film main hall mein jaakar zaroor dekhonnga........ isi bahane hall ke bhi darshan ho jayenge........

Dhnaywaad.........

महफूज़ अली said...

waise aapse ek request aur hai........ agar aapko bura na lage to........ plz yeh comment moderation hata dijiye........ aur jo faaltu comments aayen......... unhe hata dijiye.........

अजय कुमार झा said...

वाह मनोज भाई...ये दिलचस्प कहा आपने कि खुद ही अपनी खूबियां बतानी पडती हैं.....मगर किया क्या जाये..जमाना एक्सपोजर का है...सो ठीक ही है...अभी एसिड फ़ैक्ट्री के प्रोमोस देखने को मिल रहे हैं..और आकर्षित भी कर रहे हैं...जेल के अभी शायद आने शुरू नहीं हुए हैं..चलिये शुक्र है कि वापस आ गये...बाकि सब हाल पिक्चर देख के बतायेंगे..एडवांस में शुभकामनायें लिजीये....

sandeep sharma said...

आपकी फिल्मों से बिलकुल संतुष्ट होंगे और हैं भी.... आप बस बनाते रहिये, बाकि चिंता हम दर्शकों पर छोडिये...

कुलवंत हैप्पी said...

दुआ करता हूं, आपकी आने वाली फिल्में आपके फिल्मी कैरियर को नई उड़ान दें, और साथ में ये भी दुआ करूंगा कि आप अधिक व्यस्तता के बावजूद भी हम से यूं मिलते रहेंगे।

शिवम् मिश्रा said...

मनोज भैया ,
प्रणाम !
आने वाली ९ तारीख के लिए अभी से बहुत बहुत शुभकामनाएं |
हमे उम्मीद ही नहीं पूरा यकीं है कि दोनों ही फिल्मे, "जेल" और "एसिड फैक्ट्री", सुपर डुपर हिट साबित होगी ! आप बेकार में टेंशन नहीं लीजिये !
प्रमोशन तो आज कल हर एक चीज़ का हिस्सा हो गया है तो फिल्मे भला इस से कैसे बच सकती थी ? और जब फिल्मे ही नहीं बच सकीं, तो आप कैसे बचते ? इस लिए लगे रहिये बड़े भैया, और किये रहिये ज़बरदस्त प्रमोशन !!
शेष शुभ !
आपका अनुज,
शिवम् मिश्रा
मैनपुरी, उत्तर प्रदेश |


P.S.:- थोडा प्रमोशन मैं भी कर रहा हूँ , DON't MIND !!



Kindly visit my blogs at http://burabhala.blogspot.com/ ; http://burabhala.wordpress.com/ ; http://jaagosonewalo.blogspot.com

शरद कोकास said...

मनोज भाई,एक अभिनेता द्वारा किसी फिल्म के प्रमोशन का अनुभव उतना वीभत्स नहीं होता जितना कि एक निर्देशक द्वारा फिल्म का प्रमोशन किया जाना इसलिये कि फिल्म एक सामूहिक कृति है । लेकिन नाटक की तरह फिल्म को भी पूरी तरह निर्देशक का माना जाता है । इससे ज़्यादा दुखद स्थिति हम कवियों के लिये है जहाँ अपने संग्रह की खुद बात करना न केवल अपमानजनक लगता है बल्कि हम अपने आप को दरिद्र महसूस करने लगते हैं । समीक्षक हो या आलोचक जब तक हम उन्हे अनावश्यक महत्व देते रहेंगे यह स्थिति तो रहेगी । लेकिन दर्शक हों या पाठक उन्हे किसी न किसी माध्यम से सूचना तो चाहिये और इस दृष्टि से देखा जाये तो इस तरह प्रमोशन करना उतना बुरा नहीं है। आप व्यायसायिकता के पंक में अभी डूबे नहीं हैं इसलिये विचारवान होकर सोचते हैं अन्यथा किसे यह चिंता है । -शरद कोकास ,दुर्ग छ.ग.

डा प्रवीण चोपड़ा said...

ढ़ेरों शुभकामनायें।

आनंद said...

अरे मनोज जी, प्रमोशन को भी अपने रोल का एक भाग समझिए। दुविधा त्‍याग कर इसे भी पूरे कन्विक्‍शन के साथ कीजिए। राम जी अवश्‍य ही कल्‍याण करेंगे।


- आनंद

Priya said...

first time aaye hai ham aapke blog par..aur ek bollywood star ko hindi mein blog likhte dekh kar achcha laga.....kyoki bollywood ke actor, actress, rahte hindustan mein hai, khate hindi hai, kamate hindi hai but media ke samne hi aate hi hindi bolne mein sharm mehsoos hoti hai.....aap apne kirdaron ki tarah shyad thode se alag hai......all the best for your upcoming movie.

regards,

Priya

creativekona said...

आदरणीय मनोज जी,
आपकी दोनों ही फ़िल्मों की कामयाबी के लिये हार्दिक शुभकामनायें।रिलीज होते ही दोनों फ़िल्में देखने की कोशिश करूंगा। उम्मीद है कि आपकी ये फ़िल्में भी हमारे समाज के लिये सार्थक होंगी ।
हेमन्त कुमार

राज-नीति said...

aap ki bhumika vakai me damdar hoti hai. khaskar shool. ummid hi nahi aashvasht hu aage bhi aapki jandar bhumikaye dekhne ko milengi

divya said...

hindustan news paper ne aapik film ki zamke burai ki hai.....
likha hai bhul ke bhi movie dekhne na jana boring hai
aapka to band baja dia hindustan aur ht walon ne

Dipak 'Mashal' said...

dono filmon ki release ke liye badhai aur Shubhkamnayen Manoj bhai.
aapka ek fan arrrrrrrrra A.C.

nilesh mathur said...

मनोज जी, प्रणाम
पहली बार आपको कुछ लिख रहा हूँ, और शायद कुछ अच्छा नहीं लिख रहा, लेकिन आपसे बहुत प्रभावित हूँ क्योंकि आप मुझे हमारे बीच के ही इंसान जैसे नज़र आते हैं, साथ ही मैं आपका बहुत बड़ा शुभचिंतक हूँ, मैंने आपकी फिल्म एसिड फैक्ट्री देखी जो की मुझे ही नहीं सिनेमा हाल में जितने आदमी थे सभी को निहायत ही बकवास लगी, मैं सिर्फ आपके लिए ये फिल्म देखने गया था, लेकिन मैं सोच भी नहीं सकता था की आप ऐसी फिल्म करेंगे, हमें आपसे बहुत उम्मीदें हैं, कृपया ऐसी फिल्में दोबारा न करें, इसे अन्यथा न लें, दीपावली की हार्दिक शुभकामना के साथ...आपका शुभचिंतक