Friday, November 13, 2009

देश को टुकड़े करने वाले बयानों को प्रमुखता न दे मीडिया

काफी समय हो गया। ‘राजनीति’ की शूटिंग, ‘जेल’ के प्रचार-प्रसार, उसके बाद की मीटिंग्स और बाकी अपने व्यक्तिगत कामों में काफी व्यस्त रहा। जेल को आम जनता से प्रशंसा मिल रही है और मेरे अपने अभिनय के लिए भी मुझे प्रोत्साहन मिल रहा है। आपमें से जिन लोगों ने अभी तक फिल्म देखी नहीं है, कृपया अपने आसपास, जहां कभी भी जेल लगी है, अवश्य देखें। मैं नहीं जानता कि फिल्म कितनी सफल होगी या कितने पैसे कमाएगी, मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि मैं अपने काम से खुश हूं। मुझे मधुर के साथ काम करते हुए अच्छा लगा। बहुत कुछ सीखा और बहुत से नए दोस्त बनाए।

हाल फिलहाल में कई लोग मुझसे भाषा को लेकर कई सवाल कर रहे हैं। कुछ एक राजनेताओं ने भाषा और क्षेत्र को ही अपने राजनीतिक एजेंडा में रखा है। मीडिया भी उनके बयानों और उनकी करतूतों और हरकतों को दिखाए जा रही है। सुबह छह बजे से लेकर रात के 10-11 बजे तक उन्हीं राजनेताओं के बयान हेडलाइन की तरह आते रहते हैं और फिर आपसे उनपर कमेंट करने को कहा जाता है। मैंने दो साल पहले ही इस मुद्दे पर अपना कमेंट दे दिया था,जहां पूरे मीडिया को बुलाकर अपनी बात कही थी। उस वक्त मैंने मीडियाकर्मियों और राजनेताओं से आग्रह किया था कि न तो इस तरह की बयानबाजी करें जो देश को टुकडे-टुकड़े करने वाला है और न मीडिया इसे हर दिन हमारे चेहरे पर थोपती रहे। और हर दिन हमसे उस पर एक कमेंट की अपेक्षा करती रहे।

लेकिन मैं तो सिर्फ निवेदन ही कर सकता हूं। बाकी निर्णय उन राजनेताओं को लेना है और मीडिया को भी लेना है। मैं कौन होता हूं ? लेकिन यह अवश्य है कि मैं इस तरह के राजनीतिक एजेंडा और बयानबाजी पर अपने कमेंट कभी नहीं दूंगा। मैं विरोध जता चुका हूं। इस तरह के भाषा और क्षेत्र की मानसिकता के खिलाफ। अब इस तरह की हेडलाइन के खिलाफ हर दिन अपनी राय नहीं दूंगा क्योंकि मुझे लगता है कि रोज कुछ न कुछ ऐसा घट रहा है, जो हेडलाइन बन सकता है।

खैर, आपसे बात होती रहेगी। बहुत दिनों से पाठकों के कमेंट पर बात करने की इच्छा है। कोशिश करुंगा कि अगली पोस्ट में सिर्फ कमेंट पर बात करुं।

पुन: निवेदन कि जेल अवश्य देखें। हमने बहुत मेहनत से फिल्म बनायी है। आपको पसंद आए अथवा न आए, इसके बारे में अपनी राय मुझे जरुर दें।

इसी के साथ

आपका और सिर्फ आपका
मनोज बाजपेयी

16 comments:

AlbelaKhatri.com said...

आमन्त्रण के लिए धन्यवाद मनोज जी !

हम जेल ज़रूर जायेंगे

और अकेले नहीं

यार दोस्तों के साथ जायेंगे

कम से कम कह तो सकेंगे गर्व से

कि हम भी

हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए

जेल गए हुए हैं ......हा हा हा हा


_अलबेला खत्री

Krishna Kumar Mishra said...

बहुत खूब पर लोग है कि मानते ही नही ! बार-बार फ़ंसते है नेताओं के मोहपाश में

'अदा' said...

अच्छा लगा देख कर कि इतनी व्यस्तता के बावजूद भी आप इन बातों को प्रमुखता देते हैं...
इसमें कोई शक नहीं कि देश के टुकड़े करने के लिए ये राजनेता काफी आतुर दिख रहे हैं...
लेकिन ऐसा ये नहीं कर पायेंगे...हमारा देश अभी भी आप जैसे हम जैसों के दम पर है....और हम ये होने नहीं देंगे....
आपकी अपील बहुत अच्छी लगी और इसपर मैं और मेरे जैसे लाखों कायम रहेंगे...
ह्रदय से आपका धन्यवाद...

जय हिंद..
जय हिंदी...

Yayaver said...

jail nisandeh ek achi film hai.. aapka kaam pasand aaya. In netahoon ke liye: Barbad-e-gulistaan karne ko to ek hi ullu kaafi tha. Yaha..har shaakh pe ullu baitha hai anjam-e-gulistan kya hoga ...

अर्कजेश said...

हिन्‍दी के मुददे पर एक हिन्‍दी फिल्‍म अभिनेता ज्‍यादा मजबूर होता है । जल में रहकर मगर से बैर नहीं कर सकत न ।

कुलवंत हैप्पी said...

भारत में इसकी उम्मीद मत करो। टीआरपी के लिए इनका सहारा ही लिया जाता है। बॉलीवुड में राखी सावंत क्या है? लेकिन उससे टीआरपी बढ़ती है। राजठाकरे गली का टुच नेता...लेकिन बना दिया महाराष्ट्र का हीरो। मीडिया तो बिकाऊ है, जिसने खरीद लिया, उसका होगा या।

शोभित जैन said...

बाजपेयीजी,
अभी अभी जेल देखी ... मूवी अच्छी है बिलकुल एक सच से साक्षात्कार करवाने जैसी.... बिलकुल मधुर जी के स्टाइल की ... परन्तु एक कमी सी महसूस हुई, ऐसा लगा कि इस सच से हम सब वाकिफ हैं बस एक और अच्छे प्रस्तुतीकरण से रु ब रु हो रहें हों ... किसी अनछुए सच से मिलने की इच्छा अधूरी ही रह गयी .. या यूँ कहें कि मधुर जी की पहले की फिल्मों को देखकर उनसे अपेक्षाएं बहुत बढ़ गयी हैं.. जैसे उन्होंने मीडिया और बाकी Industries का पोस्ट-मार्टम किया है वो गहराई ही उनकी पहचान बन गयी है ... (मुझे लगता है यह सारी बातें मधुर जी के कहना चाहिए , पर उन तक पहुँचने का कोई जरिया है नहीं ...आशा है यदि आपकी नज़र में यह राय मह्तवपूर्ण होगी तो उन तक भी पहुँच जायेगी )
आपकी एक्टिंग की तारीफ करके में भी ऐसी कोई बात कहने की कोशिश नहीं करूँगा जो आप बहुत अच्छी तरह से जानते हैं , बस आप से एक बात कहने का मन था जो शायद मेरा ही नहीं आपके अनेक चाहने वालों का मानना है कि अभी आपके अन्दर के ऐक्टर में बहुत सी संभावनाएं शेष हैं अभी बहुत से शेड्स अनछुए हैं ... "सत्या" के बाद आपकी अधिकतर Serious रोल वाली ही मूवी आई हैं ... आशा है आपके और भी अनेक रूप जल्द ही परदे परआयेंगे ...
इसी आशा के साथ, आपके अनेक प्रशंसकों में से एक अदना सा प्रशंसक :
शोभित जैन

शिवम् मिश्रा said...

मनोज भैया ,
प्रणाम !
एकदम सटीक बात कही है आपने ........मीडिया और नेताओ को अपने आप पर खुद ही अंकुश लगाना चाहिए पर वह एसा करते नहीं हैं ! इस के पीछे उनके अपने तर्क है जो तर्क कम बल्कि कुतर्क ज्यादा लगते है !
खैर, जैसा आपने कहा, मेरी और आपकी राय से इनकी सोच नहीं बदलने वाली ! यह तो वही करेगे जो करना चाहेगे !
आप अपनी कहे ! 'जेल' जाना अभी नहीं हुआ है पर उम्मीद है जल्दी ही जाना होगा ! आपकी 'जेल' यात्रा सुखद रही जान अच्छा लगा !
आपकी अगली पोस्ट का इंतज़ार रहेगा !
शेष शुभ |
आपका अनुज
शिवम् मिश्रा
मैनपुरी, उत्तर प्रदेश

Ram-Krishna said...

Dear Bhai Manoj G!,

Hope, as usual....my mail find you in best of health & spirit!
Happy to get your post on ur acting line together with social problem, which , in fact desired from any creative person...!
First of all congrats for your good performance in JAIL. For such a long long time I have been wishing to see you in central part of the film like, Shool, Satya. But I know very well that its not possible in Indian atmosphere for the outsider. One need filmi family background like kapoor's or bachchan's and so on. However, you always tried to drag huge attaintion of masses and classes by dint of your hard work, ur performance!!

On the social issue, after experiencing life as a student & later as a scientist in Swiss , Germany & US for last 11 long years... I have had desired to put up the citizens of India and a country as a whole on top, at least people should have good life style with the great thought througout! However, the politician, on behalf to serve the nation trying to get attantion through their destructive gesture, few pictures & destructive comments in print/electronic media! And mostly they are getting success in it. And innocent people are suffering brutaly. Altogether, nation is going in dark!! Talking like that seems simply great and fascinating but transforming in to reality is difficult!
I must admit here that the only stalwarts can transform it so wonderfully patronized by all the old and new generations, friends, colleagues giving the nation a great sense of oneness.
It is always a joy to watch ur acting and read your mind through bolg. Lets see how things go. I shall be happy to get your opinion.
I understand that to run through a day that has involved one in a hectic day’s activity, is satisfying by itself. I guess it shall remain so till all is over and calm. But really is that so ??
So, as usually I say..Just KERM KARTE RAHNA HAI.....!! and Just Spread the light!
With Endless Love & prayers
May God bless you for good health & longevity of life.

Sincerely,
Dr.rer.nat. Ram-Krishna THAKUR
Sr. Scientist,
Experimental Physics & Nano-Technology,
Hong Kong

shashisinghal said...

मनोज जी , मैं आपके अभिनय की क्षमता की कायल हूं । मैं आज जब आपके ब्लॉग पर आई हूं तो अब मेरी ”जेल ” फिल्म देखने की इच्छा प्रबल हो गई है । कोशिश करती हूं कि मैं तुरंत ये फिल्म देखू और बताऊं कि कैसी लगी फिल्म ....

anjule shyam said...

jel dekhne ke turnet bad main aap ki ye post padh raha hun........jel mein aapne behtrin kam kiya hai...jel ka last mein.....jel ko log bhale na apnaye ye logo ko khud apna leti hai....thik isi tereh aap bhi kirdar kasa bhi ho jann dal dete hain aap.........
mubarka............
anjule shyam maurya

pran said...

MANOJ BHAI ,AAPSE TAQEED HAI KI
wwwrachanasamay.blogspot.com par
meree kavita " kuchh bhee bolo
lekin pahle apnee maa kee bolee
bolo" anya kavitaayon ke saath
avashya padhiyega.Dhanyawaad.

dipu said...

i jst came across ur blog while surfing blogger
i liked ur film SATYA
it was from this movie i became a fan of urs and stated seeing ur movies

Mukesh Pathak said...

india... hindi... desh ke tukade... !!
kitne apradh karoge manoj bhai?
wahan rahna hai ya nahi??
kahin Thackre logon ne sun liya to goondey logon ko naya kaam miljayega (...dhoondho manoj ko...)

amitesh said...

jail pasand aai hai...bina samwaad ke cehare se aapane apni bhumikaa ki gajab wyaakhyaa kee hai.....

sathi said...

आदरणीय मनोज जी
प्रणाम
मैं बिहार के एक गांव शेखपुरा जिले के बरबीघा से आपका ब्लॉग पढ़ रहा हूं। मैं भी आपके इस राय से सहमत हूं की मिडिया को तोड़ने वाली बातों पर ज्यादा जोड़ नहीं देना चाहिए पर मिडिया के हमारे बंधू ठीक इसके विपरीत करते है। मैं भी यह से मिडिया से जुड़ा हूं और न्यूज चैनल तथा अखबार के लिए काम करता हूं और हमेशा इस बात की टीस रहती है कि मिडिया बेकार की बातों पर अपना समय बबाZद करती है पर जन सारोकार की बातों पर वह ध्यान नहीं देती। यहां बिहार में हम सभी मित्र लोग आपको एक आदशZ के रूप में देखतें है। जब भी बिहार के पिछड़ेपन की बात होती है, जब भी बिहारियों के प्रतिभा पर सवाल किया जाता है हमलोग अपका उदाहरण दे कर सामने वालों को चुप करा देतें है। आपकी साफगोई के लिए आपको धन्यवाद देते हुए विदा....
अरूण साथी