Friday, June 18, 2010

धन्यवाद के अलावा मेरे पास आपके लिए शब्द नहीं

“राजनीति”की अपार सफलता और आप लोगों का अपार स्नेह मिलने के बाद मैं जिस तरह से अपने जीवन में नम्र हुआ हूं...शायद इसकी कमी थी मुझमें। आज ऐसा लगा रहा है जैसे सब मेरा इंतजार ऐसी ही किसी बड़ी फिल्म में कर रहे थे। टेलीविजन पर लोगों की बातें, अखबार वालों के इंटरव्यू, मेरे साथी कलाकारों का मेरे प्रति उत्साह और इज्जत और श्री प्रकाश झा जी का मेरे ऊपर विश्वास- ये सब देख कर, सुनकर मैं कई बार भावविह्वल हो उठता हूं। सब मुझमें पता नहीं क्या क्या देखते हैं, जो शायद मैं कभी नहीं देख पाया।

मैं अपनी पूरी यात्रा में ऊपर वाले का, थिएटर के हर डायरेक्टर का, साथी कलाकारों का, फिल्म निर्देशकों का और आप सारे दर्शकों का स्नेह स्नेह पा पाकर ही यहां तक पहुंचा हूं। नहीं तो एक ऐसे गांव के लड़के की क्या मजाल, जो गांव बिहार के नक्शे में भी नहीं दिखता, वो ऐसे सपने भी देख सके। मेरे पास धन्यवाद और धन्यवाद कहने के सिवा और कोई शब्द नहीं है। शब्द न सिर्फ कम पड़ रहे हैं बल्कि मैं बोल भी चुका हूं।

बहुत दिनों से ब्लॉग लिखा नहीं। उसका कारण सिर्फ इतना था कि राजनीति के प्रचार प्रसार के अलावा मेरे जीवन में कुछ और नहीं था। और जब तक फिल्म प्रदर्शित नहीं हो जाए, जनता के बीच न चली जाए, तब तक मैं अपनी राय कैसे प्रगट कर सकता था। मैं ये मानता हूं कि हर अच्छी फिल्म सफल नहीं होती और हर बुरी फिल्म असफल नहीं होती। लेकिन, जिस तरह का प्यार फिल्म को और मुझे मिला है, शायद मैं ये सत्या के बाद महसूस कर रहा हूं। पहली बार जब मैंने फिल्म देखी एक ट्रायल में तो अपनी पत्नी शबाना का फिल्म देखने का मजा ही किरकिरा कर दिया। सिर्फ अपनी कमियों का जिक्र करके। दूसरी बार प्रीमियर पर जब फिल्म देखी तो उन्हें भी संतोष हुआ और मैं भी थोड़े बहुत मजे ले पाया।

लोग मुझसे कहते हैं कि समीक्षक की क्या महत्ता है आपके जीवन में? मेरे अपने रंगमंच के दोस्त, मेरी पत्नी, वो लोग, जिनके विचारों की मैं इज्जत करता हूं, उन लोगों की समीक्षा से मुझे कोई परहेज नहीं है। मैं सिर झुकाए उनसे अपनी कमियों को, अपने बारे में उनके विश्लेषण को सुनता हूं। उसके बदले मेरे मुंह से चूं तक नहीं निकलती। लेकिन अखबार के समीक्षकों के बारे में मेरी राय थोड़ी अलग है। एक-दो लोग हैं, जिनसे मैं बात करता हूं। वरना ज्यादातर समीक्षक फिल्म से अलग जाकर किसी और फिल्म की ही समीक्षा करते हैं। न सिर्फ अपने लिए बल्कि किसी और की फिल्म की समीक्षा को भी पढ़ना मैं उचित नहीं समझता। लेकिन उन्हें लेकर मेरे मन में नाराजगी नहीं है। वो अच्छा लिखे या बुरा लिखें, मैं उनका अनुग्रहीत हूं कि उन्होंने मेरी फिल्म देखी और उसके बारे में कुछ भी लिखा। ये कोई तेवर है न कोई दंभ है, ये सिर्फ एक विचार है।

अभी तो मैं अपने ट्विटर एकाउंट पर आते संदेशों और मोबाइल के मैसेज बॉक्स में फोन की बजती हुई घंटी से ही खुश हो रहा हूं। हां, बता दूं कि इन दिनों ट्विटर पर सक्रिय हूं। मेरा खाता हूं-@bajpayeemanoj …।

लेकिन, राजनीति की सफलता से मैं अति उत्साही नहीं हूं क्योंकि अब इडंस्ट्री में 16 साल हो गए हैं। सफलता भी देखी और असफलता भी। लेकिन काम की प्रशंसा लोग हमेशा करते रहे और उसी से मैं प्रोत्साहित होता हूं। न कि इस बात से कि एक फिल्म ने कितने करोड़ रुपए कमाए। वो भी जरुरी ताकि मेरा निर्माता आगे फिल्में बनाता रहे। लेकिन उसके पैसे कमाने में मेरी कोई भूमिका हो ही नहीं सकती। मुझे तो फिल्म में लिया गया है अभिनय के लिए और मैं उसके साथ पूरी ईमानदारी बरतता हूं। और जितना हो सके अपनी तरफ से आप लोगों का स्वस्थ्य मनोरंजन करने की कोशिश करता हूं।
मेरी फिल्म ‘दस तोला’ जल्द प्रदर्शित होगी। अभी थोड़ा काम बचा है और फिर उसे किसी वितरक को बेचा जाएगा। जो उसके प्रदर्शन के साथ न्याय कर सके। तब तक आप लोगों के स्नेह और अपार प्रशंसा का मैं शुक्रगुजार हूं। ब्लॉग पर भी कई लोगों ने फिल्म देखकर प्रतिक्रिया देखी, उन सभी पाठकों का भी तहे दिल से शुक्रिया।

राजनीति नहीं देखी है तो अवश्य देखें। आपका और प्रकाश जी का सधन्यवाद करते हुए..
आपका और सिर्फ आपका
मनोज बाजपेयी

22 comments:

Sunil Deepak said...

मनोज जी, कोई फ़िल्म ऐसी याद नहीं जिसमें आप के अभिनय ने प्रभावित न किया हो, लेकिन साथ व्यवसायिक सफ़लता भी मिले, तो और भी अच्छा है! बधाई

वीनस केशरी said...

मनोज जी,

राजनीति देखी
बहुत सुखद रहा कि बहुत दिन बाद कोई फिल्म देखी और पूरा पैसा वसूल देखी

तेज कथानक, कसी हुई स्क्रिप्ट, उम्दा अभिनय और सधे संवाद

बस देख कर मज़ा आ गया

नाना और आपका अभिनय बेजोड रहा, एक कसक जो आपके अंदर सी फ़ूटी पड़ रही थी उसके लिए क्या कहा जाए

बस एक शब्द है मेरे पास - उम्दा

- वीनस केशरी

शिवम् मिश्रा said...

मनोज भैया,
प्रणाम |

बहुत बहुत बधाइयाँ ! आपने सच में दिल खुश कर दिया ............सच कहू तो बहुत दिनों के बाद आपके अभिनय में वो धार नज़र आई है जो सत्य या शूल में दिखी थी! आप ऐसे ही रोल किया करो!
एक बार फिर बहुत बहुत बधाइयाँ आपको और पूरी राजनीती की टीम को !

आपका अनुज
शिवम् मिश्रा
मैनपुरी
उत्तर प्रदेश

ओम आर्य said...

सच कहते हैं...आपने हमेशा अपने काम के साथ इमानदारी बरती है...एक-दो फिल्म, जो मुझे लगती है कि ख़राब हालत में आपने पेट की खातिर की होगी,उनको छोड़ कर सब में आपके किरदार की हर कोई क़द्र करता है जिससे भी आपके बारे में मेरी बात होती है. राजनीति में भी काफी महत्वपूर्ण किरदार आपको दिया गया है और माशा अल्लाह आपने निभाया भी उतने हिन् अच्छे से है.. आशा है ऐसे हीं दीखते रहेंगे अलग-अलग महत्वपूर्ण किरदारों में........

anoop joshi said...

सर धन्यबाद आप नहीं, हम करते है आपका इतने बेहतरीन अभिनय से हमें सराबोर करने के लिए. सच में सर आपका और नाना जी का रोल तो बहुत शानदार था.बस सर कुछ एक सीन निकल जाएँ. और उनकी उतनी जरुरत भी नहीं है तो, फिल्म और महान बन जाती.

Harshkant tripathi"Pawan" said...

मैंने राजनिति हल ही में राजनीति देखा. बेहतरीन अभिनय के लिए आपको धन्यवाद. उम्मीद ही नही बल्कि पूरा विश्वास है कि आगे भी अच्छा करते रहेंगे.

सुरेन्द्र Verma said...

"धन्यवाद के अलावा मेरे पास आपके लिए शब्द नहीं" Badhiya laga

PrakashSinghRathod said...

DEAR MANOJ JI

SADHUBAD,

RAJNEETI EK SRUAT MANKAR CHALE AAP.
AB BAHUT HO GAYA LUKA CHCHIPI KA KHEL.MANOJ EK EXAMPLE HONA CHAHIYA NA KI RAJNEETI ME GOOD ROLE NIBHANE WALA.



SALAM AAPKE ACTING KO.

pankaj mishra said...

मनोज भैया अब क्या कहूं। फिल्म अच्छी है इसमें कोई दोमत नहीं। बात जहां तक आपकी है तो आपने अपने अभिनय के बल पर ही मायानगरी में अपना यह मकाम बनाया है। इसमें किसी का अहसान नहीं है। सत्या, शूल, जुबैदा जैसी फिल्मों में आपका अभिनय बोलता है। आपको बधाई। आपके अलावा नसीर साहब, नाना जी और अजय देवगन का अभिनय भी शानदार है। ये लोग ब्लॉग नहीं लिखते इसलिए हो सके तो इन तक मेरी बधाई पहुंचा दीजिएगा। आपको एक बार फिर बधाई।

jitendrajha jitu(akshra arts) said...

hum dosto ki toli apke prashanshak hai,first day first show dekhe.25 dosti ki toli sath the.kam behad sukhad hai.mai to apki sare film dekha hai.is ke bad mujhe apke kuch alochak hai jo mere mitar hi hai,unhe kafi kuch kahne ka mauka mila.swahbiman se sunil and veeru bhaya ka shandar safar ke lea badhai.aap ise tarah acchia kam kare,hune accha lagta hai.

Dr. Dinesh Sharma said...

बिला शुबहा तुम एक बहुत अच्छे और समझदार अभिनेता हो | हर फिल्म में तुम्हारे अभिनय की इंटेंसिटी, किरदार की मनोदशा की बारीकियां एक अलग ही तरह की छाप छोडती है | अन्य फिल्मों की तरह राजनीती में भी तुम्हारी स्क्रीन प्रेजेंस जबरदस्त है |
शुभकामनाये भविष्य में और भी अच्छे रचनात्मक कार्य के लिए | डॉ दिनेश शर्मा

Om Prakash said...

You have to be very careful this time. Difficult to say how I felt when you were away from the Screen. I always feared if you would be back, if the whole world would watch your potential. Thankful to God and you for the comeback. What is most important for you to stay on Screen and do good films. People would love you for your great works and expectations would be higher film after film. But always give yourself the opportunity to do what you love to do most - that is acting. Come what may, don't do anything that can keep you away from your passion. You have to accept ups and downs, and have to rise above every problem.

- Om, India TV

संजय भास्कर said...

राजनीति में भी काफी महत्वपूर्ण किरदार आपको दिया गया है और माशा अल्लाह आपने निभाया भी उतने हिन् अच्छे से है.. आशा है ऐसे हीं दीखते रहेंगे अलग-अलग महत्वपूर्ण किरदारों में.......

संजय भास्कर said...

मनोज जी, कोई फ़िल्म ऐसी याद नहीं जिसमें आप के अभिनय ने प्रभावित न किया हो,

Rajendra Swarnkar said...

प्रिय मनोज बाजपेयी जी
आपका ब्लॉग देखता रहता हूं ।
अच्छा लगता है , एक सेलिब्रिटि दिग्गज कलाकार के सृजन को समीप से देखना ।
आपके अभिनय का मैं शुरू से ही मुरीद हूं ।

राजनीति में आपका रोल प्रशंसनीय है ।
रोड़ में आपका अभिनय कभी नहीं भुलाया जा सकता ।
…और स्वामी ! बच्चों से छुप कर देखता रहता हूं … कारण ?
लाख कोशिश करलूं …लेकिन आंखें छलक ही जाती है , आपका अभिनय देख कर।

मनोजजी,
पिता के जज़्बातों का एक रूप मेरे ब्लॉग - राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं पर आ'कर देखिए न !
एक ग़ज़ल है…
गए थे छोड़ कर इक दिन , न वापस आप घर आए !
न क्यों फिर आप बाबूजी ! कहीं पर भी नज़र आए ?
हुई है आपकी यादों में अम्मा सूख कर कांटा ,
नयन में अश्क उनके , दिन में सौ-सौ बार भर आए !
किसी से भी नहीं मिलती है सूरत आपकी जग में
हवा , ख़्वाबों - ख़यालों में कई अब रूप धर आए !
बहुत राजेन्द्र रोया , की दुआ , आए न बाबूजी ,
अभागे की दुआ में हाय रब ! कैसे असर आए ?!


पूरी ग़ज़ल के लिए आइएगा शस्वरं पर
मैंने इसे अपनी धुन में गाया भी है …
मुझे पूरा विश्वास है आप इसे सुनने के बाद भावुक हुए बिना नहीं रह सकते ।
मैं आपका इंतज़ार करूंगा …
- राजेन्द्र स्वर्णकार
- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

don said...

MANOJ BHAIYA
NAMASKAR,
APKI RAJNEETI 3 BAAR DEKH CHUKA HU,PATKATHA TO BAHUT KARISHMAI NAHI HAI PARANTU AAPKE AUR AJAY DEVGAN JI KE ABHINAY NE ANDAR TAK HILA KAR RAKH DIYA..AUR SHAYAD VO HI TAKAT HAI HO MERE KADMO KO BAR BAR PARDE TAK LE JATI HAI AUR BHI LE JAYEGI...TATHAKATHIT AAPKA ROLE MAHABHARAT KE DURYODHAN SE PRERIT HOTA HAI JO KI KHALNAYAK KA PARICHAYAK HAI PHIR BHI "VIRENDRA PRATAP" YOGYATA RAKHTE HUE BHI UNDEKHI AUR PAKSHPAAT KI PIDA ME HOTE HAI JO KI UNKE KHALNAYAK KIRDAAR KO LAYAK KIRDAAR SE BAHUT UPAR RAKHTI HAI APNE APNE ABHINAY SE US BHUMIKA KE SATH 100% NYAN KIYA HAI HAR PAL APKE ABHINAY NE KHALNAYAK HONE KE BAVJUD BHI LAYAK HONE KA AHSAAS KARAYA JO SIRF AUR SIRF AAP HI KAR SAKTE HAI..AUR JAANE ANJANE MUJHE “VIRENDRA PRATAP” SE PYAR HO GAYA JISKI JAD ME SWABHAVIK ROOP SE “MANOJ BAJPAI” HI HAI.
“KARARA JAWAB MILEGA” VAH KYA ANDAAZ HAI MANOJ BHAIYA….

BAHUT BAHUT BADHAIYA...!

APKA
BHOLESH SHRIVASTAVA
INDORE (M.P.)

Kranti said...

Manoj ji ,

You are all time best actor ,how perfectly and boldly you raised the voice of dalit in Rajneeti is awesome.But its not destination yo have to move further,and our eyes are restlessely waiting to watch u recieving Oscar.

Kranti Kishore Mishra

देवेश प्रताप said...

इस अपार सफलता के लिए आपको ढेर सारी शुभकामनयें ....आपका किरदार दिमाग में रहे इसलिए मैंने अभी तक ४ बार फिल्म देख चुका ....हर बार फिल्म नयी ही लग रही थी .

sudhanshu chouhan said...

हो मनोज भईया एतना बात लिख के त तू हमनियो के भाव विह्वल कर देल हो। धन्रयवाद तो हमनी के तोरा देबे के चाहि की एतना बढ़िया एक्टर हमनी के बीच बा।एक बात हमेशा याद रखिह कि दर्शक हमेशा अभिनय देखे में यकीन रखे ला। उ इ न देखे ला कि सामने वाला एक्टर केतना बड़ा और पैसा वाला बा। हां एक बात बहुत दिन से हम तोहरा से कहे ला सोच तिया की अब तू कॉमेडी फ़िल्म भी करे के प्रयास कर। काहे कि तोहर "एसिड फैक्टी" में जे तोर रोल बा वाकई ओकरा में तोर भीतर कमाल के हास्य अभिनेता दिखेला। बिल्कुल अजय देवगन जइसन। अपन छोट भाई के इ बात भी ख़याल में रखिह। तोहार आगे के ज़िंदगी लगी दोनों प्राणी के हमरा तरफ़ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। तोहर छोट भाई.................

Rahul Yadav said...

after watching Rajneeti....u r my best actor!!!

बिज़ूका फ़िल्म क्लब said...

फ़िल्म कई खामियों और राजनीति की उथली समझ प्रस्तुत करने के बावजूद एक बार देखने योग्य है.. आप अभिनेता तो अच्छे हैं ही.. लेकिन अगर चेहरे पर अनवश्यक और ज़रुरत से ज़्यादा गुस्सा हर समय न रखे तो और बेहतर निखरकर आयेंगे... जैसा कि रजनीति इस पर आपने काफ़ी हद तक नियंत्रण रखा है...
सत्यनारायण पटेल

सुनील शर्मा said...

आप एक उम्दा अभिनेता है मनोज जी आपको बहुत—बहुत शुभकामनाएं. पत्रकारिता को भी आप बहुत अच्छी तरह समझते है...पत्रकार होने के नाते यह मेरी लिए खुशी की बात है.