Tuesday, January 25, 2011

अभिनय की सुखद यात्रा जारी, लेकिन लंबे अंतराल के लिए क्षमा

बहुत दिनों से लिख नहीं पाया, क्योंकि जो भी हो रहा था वो सिर्फ मेरी फिल्म से संबंधित था। जब मैं फिल्म में काम करता हूं तो फिल्म के बारे में लिखना मुमकिन नहीं होता। चंद दिन पहले वाराणसी में था। एक नयी तरह की फिल्म में अनुराग कश्यप के साथ काम करने का उत्साह और अपने अभिनेता को पूरी तरह से बदलने की चाह में लगा था। इन सबने मुझे इतना उलझाए रखा कि कब समय निकल गया पता ही नहीं चला। अमूमन मैं अपने चरित्र के साथ रहता हूं। चरित्र की जो आवश्यकता रहती है, उसी के हिसाब से मैं लोकेशन पर रहता हूं या साथी कलाकारों के साथ पेश आता हूं। इस फिल्म में यह करना अतिआवश्यक इसलिए भी था क्योंकि अनुराग एक ऐसी फिल्म बना रहे हैं, जिसके साथ पूरी तरह से जुड़ऩा मेरी लिए जरुरी है। कुछ नया करने की कोशिश कर रहा था, जिसमें बहुत सारी पुरानी चीजों को ताक पर रखा है। अपने अभिनेता के भीतर से कुछ नया खोजने की कोशिश कर रहा था। ये करते करते 40-45 दिन कब गुजर गए पता ही नहीं चला।

इतने सालों के बाद अनुराग कश्यप के साथ मिलकर काम करना संभव हुआ और पाया कि अनुराग अपनी रचनात्मक यात्रा में बहुत दूर जा चुके हैं। वो न सिर्फ एक परिपक्व व्यक्ति और फिल्मकार बने हैं बल्कि सिनेमा के एक दर्शनशास्त्री के रुप में भी उभरे हैं। उनसे बहुत सीखने को मिला। उनके बाकी कलाकारों के साथ मिल बैठकर हंसने और खेलने का मौका मिला। मैं इस पूरे अनुभव से इतना संतुष्ट हूं कि मेरे पास अनुराग को धन्यवाद कहने के लिए शब्द नहीं बचे हैं। वापस मुंबई पहुंचकर एक हफ्ता परिवार के साथ निकाला और जब मैं यह पोस्ट लिख रहा हूं तब प्रकाश झा जी के साथ आरक्षण पर तीन दिन बिताने के बाद वापस मुंबई जा रहा हूं। दो दिन का ब्रेक मिला है। परिवार की याद आ रही है। पत्नी की याद आ रही है।

भोपाल वापस आकर अच्छा लगा। ऐसा लगा जैसे घर वापस आया हूं। मुझे बिरयानी बहुत पसंद है। और इन तीन दिनों में अच्छी बिरयानी खोजने में असफल रहा हूं। वापस आऊंगा तो फिर वो खोज जारी रहेगी। और साथ साथ प्रकाश झा जी के साथ काम करने के अनुभव को भी चटखारे ले-लेकर समय गुजारता रहूंगा। अमित जी के साथ ‘अक्स’ के बाद फिर ‘आरक्षण’ में काम करने का मौका मिलेगा। सैफ ‘एलओसी’ के बाद मिले। दीपिका सरीखे कलाकारों के साथ काम का अवसर मेरे पास होगा। सौरभ शुक्ला के साथ कई वर्ष के साथ काम करने का मौका हाथ लग रहा है। कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि यह यात्रा भी सुखद होने वाली है। मैं बीच बीच में आपसे ऐसे ही बातें करता रहूंगा। लेकिन, इस बार के लंबे अंतराल के लिए मैं क्षमा चाहता हूं। अपनी अभिनय की यात्रा में थोड़ा ज्यादा ही लीन हो गया था।

इसी के साथ

आपका और सिर्फ आपका
मनोज बाजपेयी

25 comments:

शिवम् मिश्रा said...

मनोज भाई ,
प्रणाम !

आपकी बात सही है ... अंतराल काफी लम्बा था ... खैर वो कहते है ना ... इट्स नेवर टू लेट ... देर से सही आमद तो हुयी ना !
आपकी आने वाली सभी फिल्मो के लिए आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं !

सादर आपका

शिवम् मिश्रा

Akash Pandey said...

sir, i am a big fan of urs and even bigger of ur wife NEHA JI and was so much in love with her that i almost started hating you for marrying her in 2005 . i was a kid then, please forgive me for that insanity. however i often tell my girlfriend that the role NEHA JI played in kareeb is how i would like my beloved shall be. Please please please convey my regards to NEHA JI and convey her my feelings. She is just awesome. I wish she should come in more films also. I am eagerly searching for DVD/CD of film KAREEB but unable to find it. Can u help me with any LEAD ?

amitesh said...

इस बीच में मौर्य चैनल पर आपका साक्षात्कार देखा...अच्छा लगा आपके गम्भीर विचार जानकर..खासकर घर लौटने की बात...

mk said...

मनोज जी,
जय श्री कृष्णा !
आपने अपने ब्लॉग में लिखा है कि---- 'बहुत दिनों से लिख नहीं पाया.....इस बार के लंबे अंतराल के लिए मैं क्षमा चाहता हूं।'
-----------लेकिन मेरा मानना है कि---- यह आवश्यक नहीं है कि जल्दी-जल्दी लिखा जाये, बल्कि आवश्यक तो यह है कि "सही लिखा जाये" |
आप---- सही बात लिखें और सभी लोगों से जुडी हुई बात लिखें ---- मेरी यही शुभकामना है |

Er. सत्यम शिवम said...

नमस्कार मनोज जी .......आपको ब्लागजगत में देखा तो अच्छा लगा.......भविष्य के लिए शुभकामनाएँ..........

jitendrajha jitu(akshra arts) said...

aap abhinay me ese tarah dube rahe...
sataya ...shool.. ke bad hun log ve wait kar rahe the ki anurag ke sath kab aapki film aayegi..dev d ko dekhkar bas aapki yaad aa rahi the
use samay taran aadarsh ne aapka interview lia tha etc pe...
aks to kamal ki film the..umeed hai ki dono film me aapki tapish zordar dhang se mahoosah ki jayegi..

diwakar said...

Manoj Bhai,

I am a big fan of yours. One comman thing between us is we are pass outs of same school(K.R.). Congratulations!!! for good work in rajniti and dus tola now i am waiting for your next release 'chittagong' but don't know when it is. Can you please let me know, when your movie 'chittagong' is releasing. I am waiting for it for so long.


And at last.... I am very happy to see you and Prakash Jha working together as i was always wondering why you two are not working together when (in my opinion) you both will rock when work together. And as all know what you both did when you worked with him in Rajniti.

All The Very Best for your Future!!!!

With Regards,
Diwakar

Dr (Miss) Sharad Singh said...

मनोज बाजपेयी जी,
आप में विशिष्ट अभिनय क्षमता हे। आप हर पात्र को स्वाभाविक रुप से जीते हैं। ‘ज़ुबैदा’ में आप का अभिनय बेजोड़ रहा। अब ‘आरक्षण’ में आपको देखने का अवसर मिलेगा। निश्चित रुप से प्रकाश झा जी की फ़िल्में लीक से हट कर होती है किन्तु इस फ़िल्म के नाम को ले कर मैं आश्वस्त नहीं हूं। शेष तो फ़िल्म देख कर ही पता चलेगा। लेकिन इस फ़िल्म में भी आपके अभिनय को ले कर आश्वस्त हूं। हार्दिक शुभकामनाएं!

अंतर्मन said...

आपको परिपक्वता मिले अच्छे लोगो का साथ मिले और विरोधियो को "करारा जवाब" मिले यही कामना है।
चलते रहिये अग्निपथ पर ................

ZEAL said...

My best wishes in all your endeavors.

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar said...

आदरणीय मनोज जी, सादर नमस्कार। काफ़ी समय बाद आपके ब्लाग पर आ सका हूं।क्षमा प्रार्थी हूं। आप अपने व्यस्त शेड्यूल में से इतना समय ब्लाग के लिये निकाल लेते हैं यह पाठकों और दर्शकों से आपके लगाव का परिचायक है। मैं 14 से 16 फ़रवरी मुंबई में रहूंगा क्या आपसे मुलाकात संभव हो सकेगी? यदि हां तो कैसे? आपकी नई फ़िल्मों की सफ़लता के लिये शुभकामनाओं के साथ। हेमन्त कुमार

Nitish said...

sir maine aapko bhopal mai dekha tha jab aap rajneete ki shuting per the ' sir dus tola mai kya abhinay kiya hai aapne .sir aap ne boolywood mai aane se pahle theater join kiya tha kya koi acting course ............

सुनील गज्जाणी said...

प्रिय मनोज जी
नमस्कार !
वाकई एक लम्बा समय हो गया था आप कि नयी पोस्ट पढ़े , ये तो हमे आप कि हर फिल्म में देखा है कि आप जो भी किरदार निभाते है पूरी तरह डूब कर अब तो ब्लॉग के ज़रिये आप से अपना पण सा हो गया है . मानो हमारी मित्रता हो गयी हो , और ऐसा मैं मानता हूँ ,सम्मानिय अमित जी के सामने काम करना वाकई एक चुनौती होती है मगर आप तो रंग मंच से मंझे हुए है और '' अक्स '' में देखा ही है एक दम दार रोल में फिर आप को देखेगे ये प्रतीक्षा है ,
प्रतिक्सः में .
सादर

varun jha said...

अच्छा लगा

Atul Shrivastava said...

मनोज जी, आपको आपकी अगली फिल्‍म के लिए शुभकामनाएं।

jitendrajha jitu(akshra arts) said...

aaj interview dekha aapka ibn pe jindgi live pe.accha laga.isse pahle ndtv pe ravish ke saath aapka interview behad aaccha tha.lekin farukh sahab ne jo interview lia tha zee pe wo kamal ka tha.hum aaj ve yaad karte hai.anurag ke sath apke kam ka besabri se intazar hai..

युगांतर Yugantar said...

manoj ji,
welcome back after a long break.
wish u a happy filmi life. i am also a little actor from delhi but dont know how to approch and whom to aproach to get work in the industry. need your guidance for this.
with warm regards
sunil
9968718686

वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर said...

वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर

पृथ्वी के शोभाधायक, मानवता के संरक्षक, पालक, पोषक एवं संवर्द्धक वृक्षों का जीवन आज संकटापन्न है। वृक्ष मानवता के लिये प्रकृति प्रदत्त एक अमूल्य उपहार हैं। आइये हम एक वृक्ष लगाकर प्रकृति-संरक्षण के इस महायज्ञ में सहभागी बनें।

सुनील गज्जाणी said...

प्रिय मनोज जी
नमस्कार !
मैंने आप कि इस पोस्ट पे अपनी प्रतिक्रिया प्रदान कि थी , हो सकता है आप को पसंद नहीं आई होगी जो आप ने प्रकाशित नहीं कि , खैर ...
कल isbn7 चेनेल पे आप का साक्षात्कार देखा , प्रभावित करना वाला था , कि संघर्ष में धेर्य और हौसला रखना कितना ज़रूरी है . और परिणाम हमारे समक्ष है कि एक उम्दा अदाकार मनोज बाजपाई हमारे सामने है . हमारे शुभ कामनाये है कि आप अदाकारी के यूही जोहर दिखाते रहे . आगे बढ़ते रहे , मुबारक बाद !
सादर

sunil purohit said...

आप की अभिनय क्षमता के तो हम कायल हैं ,अब आपकी लेखनी की धार का भी परिचय मिल रहा है | अभियांत्रिकी मस्तिष्क में साहित्यिक कला का संगम आनंददायक लग रहा है | इसी तरह बहुआयामी व्यक्तित्त्व के धनी होने का परिचय हमें मिलता रहेगा |

रानी पात्रिक said...

व्यस्तता अच्छी है पर व्यसन नहीं। बिरयानी के चक्कर में इतना ना घूमते तो शायद हमसे बात करने का मौका बहुत पहले ही मिल जाता। पर ठीक है, आपके लिए क्या ज़्यादा ज़रूरी है- आपके प्रसंशक या बिरयानी ये तो आप ही तय कर सकते हैं। बात पर गौ़र करिएगा। कुछ सूक्ष्म चीज़े जीवन में बहुत बड़ा अन्तर ले आती हैं।

Rahul said...

आपके सिनेमा के बारे में बिचार सुनकर अच्छा लगा!! मैंने आपकी कई अच्छी फिल्मे देखी है. आप उन अभिनेताओ में से है जो सिनेमा को बिज़नस नहीं , कला समझते है || u rock

Abnish Singh Chauhan said...

मान्यवर, सही फरमाया है आपने. आप अच्छे अभिनेता तो हैं ही, अभी आपको शीर्ष पर पहुंचना है. साभार.

रजनी मल्होत्रा नैय्यर said...

आदरणीय मनोज जी आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आई और ये अच्छा लगा जानकार की आप भी लिखने का सौक रखते हैं.......आपकी लेखनी पढ़ती रहूँ ..आभार

रजनी मल्होत्रा नैय्यर said...

मैंने आपकी फ़िल्में देखी हैं काफी अच्छा अभिनय रहा है आपका ........